घुसपैठ करने वाले आतंकी अपने साथ इतना सामान ला रहे हैं कि आसानी से कहीं पर भी ठिकाना बनाकर 15 से 20 दिन रह सकते हैं। इतने दिनों में वह ओजीडब्ल्यू (ओवर ग्राउंड वकर्र) के साथ जुड़कर नई रणनीति बना सकते हैं। डोडा-किश्तवाड़ में भी ऐसा ही किया जा रहा था। वहीं बड़े स्तर पर एलओसी से घुसपैठ कर क्षेत्र में हमले करने की फिराक में आतंकी बैठे हुए हैं।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि एलओसी पर लगातार पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की जा रही है, ताकि आतंकियों की घुसपैठ कराकर क्षेत्र में माहौल खराब किया जा सके। बता दें कि तीन जून के अंक में अमर उजाला ने पहले ही खुलासा कर दिया था कि आतंकी संगठन राजोरी और पुंछ जिले में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 1990 की तरह ही दहशतगर्दी फैलाने की साजिश रची जा रही है।