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#Uriattack तेजी से आग लगाने के लिए हुआ था ग्रेनेड के साथ फास्फोरस का इस्तेमाल

Tue, 20 Sep 2016 06:41 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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Uri attack
उड़ी हमले में आतंकियों के हमला करने के तरीके ने सकते में डाल दिया है। जिस तरह से आतंकियों ने ग्रेनेड हमला करने के साथ फास्फोरस का इस्तेमाल किया, इससे जांच एजेंसियों को एक नई रिसर्च का विषय मिला है।
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उड़ी - फोटो : Getty Images
सेना हो या बीएसएफ या फिर अन्य सुरक्षा एजेंसियां, टेंटों का इस्तेमाल अस्थायी तौर पर किया जाता है। 
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uriउड़ी में हुए आतंकी हमले के दौरान सेना के जवान - फोटो : PTI
उड़ी हमले में आतंकियों ने टेंटों में सो रहे जवानों को निशाना बनाया। उन्हें मालूम था कि टेंटों को जलाएं तो अधिक जवानों को मार सकते हैं। इसलिए आतंकियों ने फास्फोरस का इस्तेमाल किया, ताकि आग अधिक फैल जाए। 

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uri - फोटो : PTI
सूत्रों का कहना है कि उड़ी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपने जवानों के लिए किए जाने वाले बंदोबस्त पर विचार करना शुरू कर दिया है। 
 
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बीएसएफ - फोटो : फाइल फोटो
हालांकि बीएसएफ के आईजी डीके उपाध्याय का कहना है कि फायर प्रूफ टेंट तो कहीं नहीं हैं, लेकिन कहीं पर भी कुछ हो तो आग से बचने के बंदोबस्त रहते हैं।। 
 
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