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पाकिस्तान से समीर का सीधा संपर्क, जिहाद के नाम पर रिश्तेदार बने आतंकी, अबतक मारे गए छह भाई

Tue, 18 Feb 2020 02:05 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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नगरोटा मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
जैश के आतंकियों को कश्मीर पहुंचाने वाले मुख्य हैंडलर समीर डार के आधा दर्जन रिश्तेदार आतंकी थे, ये सभी मारे जा चुके हैं। समीर जिहाद के नाम पर यह सब कर रहा था। समीर युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए शुरुआत में ही 50 हजार रुपये दे देता था। समीर का बड़ा भाई जैश आतंकी मंजूर कश्मीर में मारा गया था।

 
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नगरोटा मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा पुलवामा हमले को अंजाम देने वाला फिदायीन आदिल भी समीर का चचेरा भाई था। समीर के आधा दर्जन चचेरे भाई आतंकी थे, जो मारे जा चुके हैं। बता दें नगरोटा में 31 जनवरी को मारे गए आतंकियों का मुख्य हैंडलर समीर डार है। जो जैश के लिए काम कर रहा था।

 
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नगरोटा मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद का कोई बड़ा कमांडर नहीं बचा है। जो इनको कमांड दे सके। इसलिए पाकिस्तान में बैठे आतंकी कमांडर ओजी वर्कर से सीधा संपर्क कर रहे हैं। ओजी वर्करों के लिए कश्मीर में आतंकी पहुंचाए जा रहे हैं। साथ ही इन आतंकियों की मदद से कश्मीरी युवाओं को अपने साथ जोड़ा जा रहा है। समीर डार भी ऐसा ही कर रहा था। युवाओं को जिहाद के नाम पर भड़का रहा था। उन्हें आतंकी बनने पर मजबूर कर रहा था।

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नगरोटा मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि नगरोटा हमले के बाद समीर डार, सरताज मंटू, आसिफ, सोहेल लोन, जाहूर अहमद और सोहेब मंजूर पकड़े गए हैं। इन सबके खिलाफ सीमा पार से आने वाले आतंकियों को कश्मीर पहुंचाने और उनके लिए काम करने के पुख्ता सबूत एनआईए के पास हैं। पुलिस की तरफ से बनाई गई केस डिटेल भी एनआईए को सौंप दी गई है। पुलिस ने बारीकी से हर एक पहलू पर जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट दी है, ताकि आरोपी किसी तरह से छूट न सकें।
 
 
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नगरोटा मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
इन आतंकियों का पकड़ा जाना एक बड़ी कामयाबी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस के पास नगरोटा हमले के पहले से इनपुट थे। पुलिस के खुफिया तंत्र के पास इसकी जानकारी थी कि कुछ आतंकी कठुआ जिले के बॉर्डर से घुसपैठ करने के बाद कश्मीर जाने की फिराक में हैं। तभी पुलिस ने इस हमले के एक दिन पहले ही वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी थी। कश्मीर जाने वाले अधिकतर वाहनों को रोक -रोककर तलाशी ली जा रही थी।
 
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