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आज भी दिखते है कश्मीरी पंडितों के बर्बादी के निशान

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1980 के दशक के अखिरी के सालों और 1990 के दशक की शुरुआत में घाटी में चरमपंथी हिंसा बढ़ने के साथ ही बड़ी संख्या में यहां के कश्मीरी पंडितों का पलायन शुरु हो गया था।

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आज भी द‌िखते है कश्मीरी पंडितों के बर्बादी के न‌िशान

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भारत प्रशास‌ित कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडित चरमपंथी ह‌िंसा के श‌िकार हुए। तस्वीर में द‌िख रहा घर उसी ह‌िंसा की कहानी बयां कर रहा है।
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आज भी द‌िखते है कश्मीरी पंडितों के बर्बादी के न‌िशान

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ह‌िंसा के श‌िकार हुए कश्मीरी पंडितों के ल‌िए सरकार द्वारा बनाए गए रिहायशी परिसर

आज भी द‌िखते है कश्मीरी पंडितों के बर्बादी के न‌िशान

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अगर सरकारी आंकड़ों की माने तो उस समय ह‌िंसा में 200 से अध‌िक कश्मीरी पंडित मारे गए थे।
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आज भी द‌िखते है कश्मीरी पंडितों के बर्बादी के न‌िशान

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दो दशकों के बाद भी कश्मीरी पंडितों के उजड़े हुए घर आज भी वीरन पड़े हुए हैं।
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आज भी द‌िखते है कश्मीरी पंडितों के बर्बादी के न‌िशान

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रियासत में व‌िधानसभा चुनावों की दौर चल रहा है। लेक‌िन यहां रहने वाले कश्मीरी पंडितों के इन चुनावों में कुछ खास द‌िलचस्पी नहीं है।
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आज भी द‌िखते है कश्मीरी पंडितों के बर्बादी के न‌िशान

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उनका मानना है क‌ि नेता उनका मुद्दा स‌िर्फ वोट बटोरने के ल‌िए उठाते हैं।
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आज भी द‌िखते है कश्मीरी पंडितों के बर्बादी के न‌िशान

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पुनर्वास की आस छोड़ कई कश्मीरी पंडित अपनी जमीनें और घर कश्मीर से बेच कर वहां से कहीं और जा चुके हैं।
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