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1965 युद्ध: एक जांबाज जिसने पंजाब में बना दिया पाकिस्तानी टैंको का कब्रिस्तान

Sat, 24 Sep 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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Abdul Hamid - फोटो : File Photo
1965 के युद्ध का जिक्र आते ही अब्दुल हमीद की वीरता का जिक्र जरूर आता है । भारत के इस वीर सपूत नें अपनी वीरता के बल पर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को ध्वस्त कर दिया था । महज 32 साल की उम्र के इस नौजवान ने पाकिस्तान से हुए इस युद्ध में कैसे तोड़ी पाकिस्तानी सेना की कमर, देखिए तस्वीरों में-
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Abdul Hamid - फोटो : File Photo
1965 में जब पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया तो भारत के वीर सपूतों ने मोर्चा संभाला। आठ सितंबर की रात अब्दुल हमीद पंजाब के तरन तारन जिले के खेमकरण सेक्टर में तैनात थे। 
 
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Abdul Hamid - फोटो : File Photo
इसी मोर्चे पर पाकिस्तान ने अपने अपराजेय माने जाने वाले टैंक अमेरिकन पैटन को लड़ाई में उतारा। पाक के इन टैंकों ने खेमकरण सेक्टर में हमला कर दिया। 

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अब्दुल हमीद - फोटो : File Photo
देश के वीर सपूत अब्दुल हमीद ने भी भारतीय सैनिकों के साथ मोर्चा संभाला। अब्दुल हामीद के पास बुलंद हौंसलों के सिवाए कोई हथियार नहीं था। 
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अब्दुल हमीद की जीप - फोटो : File Photo
हामीद बिना अपनी जान की परवाह किए पाकिस्तानी टैंकों के सामने खड़े हो गए। उस वक्त उनके पास सिर्फ गन माउनटेड जीप थी। उन्होंने अपने अनुभव से पाक टैंकों की कमजोरी का पता लगा लिया।
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पाकिस्तान के 7 टैंकों को ध्वस्त कर दिया - फोटो : File Photo
हमीद ने अकेले ही पाकिस्तान के 7 टैंकों को ध्वस्त कर दिया। हामीद और उनके साथियों के हौसले के सामने पाक सैनिक ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए और वापस लौटने को मजबूर हो गए। 
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वीर हामीद - फोटो : ADGPI_Indain Army
वीर हामीद यहां भी नहीं रुके, वो वापस भाग रहे पाक सैनिकों का पीछा करने लगे। इसी दौरान उनकी जीप पर एक बम का गोला आ गिरा। इसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। 10 सितंबर को वे शहीद हो गए। 
 

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परमवीर चक्र - फोटो : PTI
सरकार ने अब्दुल हामीद की वीरता को सलाम करते हुए उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र और फिर सेना का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा। 
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1965 war - फोटो : File Photo
1965 के युद्ध के दौरान अब्दुल हमीद के साहसिक योगदान के कारण मोर्चे पर भारतीय सेना के मनोबल में बहुत बढ़ोतरी हुई । हमीद की शहादत के बाद उनकी पोस्ट पर भारतीय सैनिकों ने मोर्चा लेते हुए पाकिस्तान के कई और टैंकों को ध्वस्त कर दिय़ा था । 
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