श्रीनगर का सबसे पुराना सेंट ल्यूक्स चर्च इस साल क्रिसमस से पहले अपना खोया हुआ गौरव वापस पाने के लिए पूरी तरह तैयार है। 90 के दशक में आतंकवाद के कारण बंद हुए चर्च के नवीकरण का कार्य जोरों से जारी है। चर्च की छत को प्रसिद्ध कश्मीरी खतमबंद (लकड़ी पर नक्काशी किए गए टुकड़े) के साथ फिर से डिजाइन किया गया है। राज मिस्त्री, बढ़ई, कारीगर और मजदूर दशकों से खस्ता हालत में पड़ी पत्थर और ईंट की चिनाई वाली संरचना को बहाल करने की कोशिश में व्यस्त हैं।
श्रीनगर के डलगेट इलाके में स्थित सदियों पुराने चर्च का जीर्णोद्धार कार्य सरकार द्वारा प्रायोजित वास्तुकला और विरासत का संरक्षण और रखरखाव योजना के तहत किया गया है। जानकारी के अनुसार राजमिस्त्री इमारत की ईंटों के बीच की जगह को उसके मूल आकार में बहाल करने के लिए उसके निर्माण के दौरान इस्तेमाल की गई समान सामग्री से भरेंगे ताकि यह चर्च वैसा ही दिखे जैसे पहले देखने को मिलता था। बहाली प्रक्रिया में शामिल एक कारीगर ने बताया कि कश्मीर के प्रसिद्ध दिवर पत्थरों का उपयोग करके फर्श का नवीनीकरण किया जाएगा।