फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुश्मन के टैंकों का 'काल' बनेगी इस्राइल की यह मिसाइल, भारतीय सेना ने पाक के लिए की सीमा पर तैनात

Tue, 26 Nov 2019 01:08 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 7
मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल - फोटो : एएनआई, फाइल
भारतीय सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए स्पाइक एंटी-टैंक मिसाइल तैनात करने का फैसला लिया है। बता दें कि भारत ने हाल हीं में इस्राइल से स्पाइक एंटी-टैंक मिसाइल खरीदी है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के खिलाफ बालाकोट हवाई हमले के बाद सरकार ने तीनों सशस्त्र बलों को आपातकालीन खरीद के लिए अधिकार दिए थे। इसके तहत ही स्पाइक एंटी-टैंक मिसाइल खरीदी गई हैं। 

भारत नए हथियारों को अपने बेड़े में शामिल कर अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में अब एक नई मिसाइल को भारतीय सेना में शामिल किया गया है। यह इस्राइल की स्पाइक मिसाइल (Spike Missile) है। आधुनिक तकनीक से बनी इस मिसाइल को टैंक किलर्स (Tank Killers) के नाम से भी जाना जाता है। 

ऐसी कितनी मिसाइलें भारत आई हैं? इसकी क्या खासियत है? पाकिस्तान को इससे क्या खतरा रहेगा? इस बारे में आगे की स्लाइड्स में पढ़ें। आगे स्पाइक मिसाइल की और तस्वीरें भी देखें।
विज्ञापन

2 of 7
स्पाइक मिसाइल - फोटो : फाइल
रक्षा सूत्रों ने समाचार एजेंसी को बताया कि एलओसी पर मिसाइलों को बंकर बस्टर मोड में इस्तेमाल किया जाएगा। भारतीय सेना ने इजरायल से 240 स्पाइक एंटी-टैंक मिसाइले खरीदी हैं। इन मिसाइलों का इस्तेमाल मुख्य रूप से टैंक-रोधी ऑपरेशन के लिए किया जाता है। आतंकवादियों के छिपने वाले ठिकानों को नष्ट करने में इन मिसाइल का उपयोग किया जाता है। भारतीय सेना ने हाल ही में करीब एक महीने पहले नियंत्रण रेखा के पास आतंकवादियों के शिविर और लॉन्च पैड को निशाना बनाया था जिसमें चार से छह आतंकवादी मारे गए थे।
  • स्पाइक एक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) है, जो काफी ताकतवर हथियार के रूप में भारतीय थल सेना में शामिल हुई है।
  • यह अपने वार से दुश्मन के टैंक को ध्वस्त कर सकती है।
  • सूत्रों के अनुसार, इस्राइल से स्पाइक मिसाइलों का पहला जत्था करीब 10 दिन पहले ही भारत पहुंच चुका है।
  • इसमें 210 स्पाइक मिसाइलों के साथ-साथ दर्जनों लॉन्चर्स भी भारतीय सेना में शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन

3 of 7
स्पाइक मिसाइल - फोटो : फाइल
इंडियन इंफैंट्री में शामिल इस हथियार की ताकत से अब पाकिस्तान खौफ खाएगा। क्योंकि भारत के पास अब वो हथियार है जिससे पश्चिमी हिस्से में पाकिस्तान के बढ़ते टैंक्स को आसानी से ध्वस्त किया जा सकता है।

आगे पढ़ें, कितनी शक्तिशाली है ये मिसाइल

4 of 7
स्पाइक मिसाइल - फोटो : फाइल
  • इस स्पाइक मिसाइल की क्षमता चार किलोमीटर दूरी तक वार करने की है। 
  • इसे 30 सेकेंड में लॉन्च किया जा सकता है। जबकि रीलॉन्च के लिए यह मिसाइल महज 15 सेकेंड में तैयार हो सकती है।
  • यह मिसाइल रात के अंधेरे में भी दुश्मन को पहचान कर सही वार कर सकती है।
  • भारत ने करीब 280 करोड़ रुपये में इस्राइल से ये मिसाइलें खरीदी हैं।

बालाकोट एयर स्ट्राइक से भी जुड़ी है ये डील, आगे पढ़ें कैसे...
 
विज्ञापन

5 of 7
स्पाइक मिसाइल - फोटो : फाइल
इस्राइल के साथ इन मिसाइलों की डील भारत द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक से भी जुड़ी है। जब 26 फरवरी को भारतीय मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मुहम्मद के ट्रेनिंग कैंपों को तबाह किया। उसके बाद ही भारत ने इन मिसाइलों की खरीदारी की प्रक्रिया शुरू की। इसके पहले भारत उस मिसाइल का इंतजार कर रहा था जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) तैयार कर रहा है।

आगे पढ़ें, कैसी होगी डीआरडीओ की मिसाइल...
 
विज्ञापन

6 of 7
स्पाइक मिसाइल - फोटो : फाइल
डीआरडीओ मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (MP ATMG) विकसित कर रहा है। पिछले महीनों में ही आंध्र प्रदेश के कर्नूल रेंज में तीन बार इन मिसाइलों का सफल परीक्षण भी किया गया। डीआरडीओ का कहना है कि वह 2020 तक यूजर ट्रायल के लिए ये मिसाइल तैयार कर देगा। सेना के एक अधिकारी के अनुसार, अगर डीआरडीओ अगले साल तक मिसाइल नहीं देता है, तो इस्राइल से फिर से स्पाइक मिसाइलें मंगाई जाएंगी।

कैसी होगी डीआरडीओ द्वारा विकसित मिसाइल, आगे पढ़ें... 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
यह स्वदेशी मिसाइल तीसरे जेनरेशन की होगी। 2.5 किमी तक की रेंज में आक्रमण के लिए तैयार टैंक्स को ध्वस्त कर सकेगी। इंफ्रारेड इमेजिंग तकनीक से लैस होगी, जिससे दुश्मन के टैंक की पहचान आसान हो सकेगी। अभी सेना के पास सेकेंड जेनरेशन मिलान-2टी (दो किमी रेंज) और कोंकर्स (4 किमी रेंज) एटीजीएम हैं। इन्हें फ्रेंच और रशियन कंपनियों ने बनाया है। लेकिन इनमें रात को लड़ने की क्षमता नहीं है। बता दें कि इसके पहले 2017 में भारत ने 8,356 स्पाइक मिसाइलों, 321 लॉन्चर्स और 15 सिमुलेटर्स की एक डील रद्द कर दी थी। वह डील करीब 3200 करोड़ रुपये की थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें