कश्मीर घाटी में पिछले कुछ दिनों से आम जनजीवन तेजी से पटरी पर लौटता दिखाई दे रहा है। सोमवार की सुबह शहर के अधिकतर इलाकों में दुकानें खुली नजर आईं। सड़कों पर वाहनों की भी लंबी कतारें देखी गईं। वाहनों में सार्वजनिक वाहन भी बड़ी संख्या में नजर आए। शहर के व्यस्ततम व्यावसायिक इलाके लाल चौक के अलावा कई इलाकों में दुकानें खुलीं। हालांकि जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किए जाने के विरोध में दोपहर बंद दुकानें फिर बंद हो गईं।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि पहले की तुलना में सोमवार को सार्वजनिक वाहन, कैब, ऑटो रिक्शा और मिनी बसें सड़कों पर अधिक नजर आईं। उन्होंने बताया कि अधिक निजी कारों के सड़कों पर निकलने से शहर में कई स्थानों पर जाम भी लगा। हालांकि दुकानदारों और सार्वजनिक वाहन परिचालकों को धमकी देने वाले पोस्टर लगाए जाने के बाद बुधवार से बंद दोबारा शुरू हो गया था।
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- फोटो : बासित जरगर
पुलिस ने बताया कि उन्होंने इन घटनाओं का संज्ञान लिया है और कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद कई ऐसे संगठनों का भंडाफोड़ भी हुआ है। वहीं पांच अगस्त को केन्द्र के जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने और उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा करने के बाद से अभी तक यहां प्रीपेड मोबाइल फोन और सभी इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं।
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- फोटो : बासित जरगर
कई नेता हिरासत में
अधिकांश शीर्ष स्तरीय और अलगाववादी नेता प्रतिबंधात्मक हिरासत में हैं। जबकि दो पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती शामिल हैं इन्हें हिरासत में रखा गया हैै। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री और श्रीनगर से मौजूदा लोकसभा सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला को विवादित लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में रखा है।
चार नेता परिवारों से मिले
पांच अगस्त के बाद से हिरासत में लिए गए कुछ कश्मीरी नेताओं को पहली बार शनिवार को कुछ घंटों के लि परिवार वालों से मिलने की अनुमति दी गई। हिरासत में लिए गए नेताओं में से कुछ ने प्रशासन से आग्रह किया था कि उन्हें परिवार वालों से मिलने की अनुमति दी जाए। इस पर प्रशासन ने एमएलए हॉस्टल में बंद अलग-अलग पार्टियों के चार नेताओं को घर जाने की अनुमति दी। शनिवार को कुछ घंटे परिवार वालों के साथ बिताने के बाद ये नेता हॉस्टल लौट आए।