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27 सालों बाद कश्मीर में चला सेना का सबसे बड़ा ऑपरेशन, तस्वीरें

Fri, 05 May 2017 07:21 PM IST
amarujala.com- Presented by: आशुतोष तिवारी
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encounter - फोटो : PTI
आतंकियों के सफाए के लिए वीरवार को दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में व्यापक पैमाने पर सर्च आपरेशन चलाया गया। इलाके में स्थानीय और विदेशी आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर 20 गांवों को घेरे में लेकर 4000 से अधिक जवानों ने घर-घर तलाशी ली। हेलीकाप्टर तथा ड्रोन की मदद ली गई। 
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encounter - फोटो : PTI
खास बात यह रही कि सुरक्षा बलों ने गांव के लोगों को खुले में बुलाकर घर-घर सर्च आपरेशन चलाया। हालांकि, लगभग आठ घंटे तक चले आपरेशन में कोई कामयाबी हासिल नहीं हुई। 1990 के बाद पहली बार इतने व्यापक पैमाने पर सर्च आपरेशन चलाया गया है। सर्च आपरेशन के विरोध में कई स्थानों पर सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। स्थिति बेकाबू होती देख सुरक्षा बलों ने पथराव कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। 
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encounter - फोटो : PTI
सुरक्षा बलों की ओर से सुबह सात बजे आपरेशन शुरू किया गया। इस बात के इनपुट थे कि हाल ही में कुलगाम हमले तथा बैंक लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले आतंकी इलाके में छिपे हुए हैं। तलाशी अभियान के दौरान हाल ही में वायरल हुए वीडियो को शूट करने वाले स्थान को चिह्नित करने तथा वीडियो में दिख रहे आतंकियों की शिनाख्त की भी हिदायत दी गई थी। 
 

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encounter - फोटो : PTI
इनपुट के बाद सुरक्षा बलों ने केशव, नागपाल, उरपोरा, हेफ श्रीमाल, मलदेरा, लाडी, तुर्क वानगाम, आरीपोरा तथा अन्य गांवों को घेरे में लिया। आतंकियों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए हेलीकाप्टर और ड्रोन से भी निगरानी की गई। अभियान में सेना की 62 आरआर, 55 आरआर, 44 आरआर, एसओजी शोपियां, इमाम साहिब और जैनपोरा तथा 14 बटालियन सीआरपीएफ की टीम लगी थी। 
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encounter - फोटो : PTI
दक्षिणी कश्मीर में हाल के दिनों में आतंकी घटनाओं की बाढ़ आ गई थी। चार दिन पहले आतंकियों ने कुलगाम में कैश वैन पर हमला कर सात लोगों की हत्या कर दी थी। इसमें पांच पुलिसकर्मी तथा दो बैंक के गार्ड थे। बैंक लूट की तीन घटनाओं को अंजाम दिया। पुलवामा के पीडीपी जिलाध्यक्ष की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी। सुरक्षा एजेंसियों के पास इस बात के इनपुट थे कि इलाके में काफी तादाद में आतंकी घरों में छिपे हुए हैं। 
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encounter - फोटो : PTI
घर-घर तलाशी अभियान का सिलसिला 1990 के दशक में बंद हो गया था। सुरक्षा बलों ने वीरवार से इसकी दोबारा शुरुआत की। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों को सार्वजनिक स्थान पर एकत्र कर सर्च आपरेशन चलाने के पीछे मकसद सिर्फ किसी प्रकार के नुकसान से बचाना था।
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