School Reopen: प्रदेश में गैर सीमावर्ती जिलों के शिक्षण संस्थान मंगलवार से खुल गए। जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर में स्कूल फिर से खुल गए और बच्चे स्कूल जाते हुए दिखाई दिए। अभी हाल ही में भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण राज्य के सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया था।
भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने के बाद जम्मू और कश्मीर के रियासी में जनजीवन सामान्य हो गया है। जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर में स्कूल फिर से खुल गए हैं। मंगलवार की सुबह छात्र स्कूलों में लौटते हुए दिखाई दिए। हालांकि, सांबा जिले के एक सीमावर्ती गांव के स्थानीय निवासियों को सोमवार रात को धमाके सुनाई देने और एक घर में छर्रे लगने के बाद पाकिस्तानी सेना का डर सता रहा है।
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जम्मू कश्मीर में खुले स्कूल
- फोटो : बासित जरगर
पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी के बाद प्रभावित घर की छत और रसोई क्षतिग्रस्त हो गई है। स्थानीय निवासी दलबीर सिंह ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी के कारण लगातार डर बना हुआ है। हमें बीती रात कुछ पता नहीं था, लेकिन हमने शोर सुना। सुबह हमने देखा कि यह हुआ है। हालांकि, ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
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स्कूल फिर से खुले
- फोटो : बासित जरगर
धमाके के समय हम सभी घर पर थे। बाद में पुलिस आई और स्थिति का जायजा लिया। डर का माहौल है। एक अन्य स्थानीय निवासी कृष्ण चंद ने कहा कि विस्फोट के समय वह बाहर बैठे थे। उन्होंने कहा कि बीती रात हमें कुछ पता नहीं था, लेकिन हमने शोर सुना।
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श्रीनगर में फिर से खुले स्कूल
- फोटो : बासित जरगर
सुबह हमने देखा कि यह हुआ है। हालांकि, ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जब विस्फोट हुआ, तब हम सभी घर पर थे। बाद में पुलिस आई और स्थिति का जायजा लिया। डर का माहौल है। सीमावर्ती गांव के एक स्थानीय व्यक्ति प्रकर सिंह ने कहा कि जब ड्रोन से गोलीबारी हुई, तो मैं अपने बच्चों को शांत करने की कोशिश कर रहा था। पाकिस्तान सहमत होने को तैयार नहीं है।
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श्रीनगर में फिर से खुले स्कूल
- फोटो : बासित जरगर
बीते सोमवार शाम को सांबा में ब्लैकआउट के बीच भारतीय वायु रक्षा ने पाकिस्तानी ड्रोन को रोक दिया। धमाकों की आवाज सुनी गई। सेना के सूत्रों ने कहा कि सांबा सेक्टर में कम संख्या में ड्रोन आए थे और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सेना के सूत्रों ने कहा कि तुलनात्मक रूप से सांबा सेक्टर में बहुत कम संख्या में ड्रोन आए हैं और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। चिंता की कोई बात नहीं है।
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लाल चौक
- फोटो : बसित जरगर
घर तो लौटे लोग, मगर आशंका बरकरार
भारत-पाक युद्धविराम के बाद जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। युद्धविराम के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। मढ़ विधानसभा क्षेत्र के सीमावर्ती गांव गोलपत्तन और गजनसु बाजार में रौनक लौटने लगी है और लोग अपने कामों में व्यस्त हो गए हैं। हालांकि, आशंका अभी बरकरार है।
सोमवार को लोग राशन, सब्जियां और अन्य जरूरी चीजों की खरीदारी करने घरों से बाहर निकले। हालांकि, युद्धविराम के बाद अभी स्कूल और कॉलेज नहीं खोले गए हैं, लेकिन छात्र घर में ही अपने नियमित पढ़ाई में व्यस्त हो गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में व्यापार और व्यवसाय भी सामान्य हो रहे हैं। दुकानदार अपने व्यवसाय में व्यस्त हो गए हैं और आर्थिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।
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उड़ी में लोग छोड़ कर जाते हुए
- फोटो : बसित जरगर
युद्धविराम के बाद सीमावर्ती क्षेत्र के जो लोग प्रशासन की ओर से सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए थे, उनमें से कुछ लोग रविवार शाम को और बाकी सोमवार सुबह अपने-अपने घरों में लौट आए हैं। इन लोगों ने बताया कि उन्होंने कई प्रकार की सब्जियां लगाई थीं, जिसे वह भगवान भरोसे छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। गोलपत्तन क्षेत्र में गोलाबारी से लोगों के घरों को कुछ ज्यादा क्षति नहीं पहुंची है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ी
हालांकि, सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से अब भी सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता हैं। सुरक्षाबलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है, ताकि लोगों को सुरक्षा प्रदान की जा सके। लोगों ने युद्धविराम के बाद राहत की सांस ली है।