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शहादत का बदला: सेना ने आतंकियों को ऐसे लगाया ठिकाने, नायकू के खात्मे से टूटी हिजबुल की कमर

Wed, 06 May 2020 06:12 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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रियाज नायकू का बेगपोरा में एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के बेगपारो में 12 घंटे तक चले ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने हिजबुल मुजाहिदीन के ऑपरेशनल कमांडर रियाज नायकू समेत दो दहशतगर्दों को मार गिराया। ए प्लस प्लस कैटेगरी के आतंकी नायकू पर 12 लाख रुपये का इनाम था। सुरक्षाबल उसे पिछले आठ सालों से तलाश कर रहे थे। पुलवामा के ही शरसाली गांव में एक अन्य मुठभेड़ में भी दो आतंकी मारे गए हैं। इसी के साथ दो अलग-अलग हमलों में आठ जवानों के शहीद होने के तीन दिन बाद सुरक्षाबलों ने इस ऑपरेशन को अंजाम देकर शहादत का बदला ले लिया है।
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रियाज नायकू का बेगपोरा में एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
नायकू के बेगपोरा गांव में आने की सूचना पर सुरक्षा बलों ने मंगलवार को आधी रात पूरा गांव घेर लिया। रेलवे ट्रैक के आसपास और सेब के बगीचे में छिपने का ठिकाना बनाए जाने की आशंका पर जेसीबी से कई स्थानों पर खोदाई कराई गई। पूरे गांव को सुरक्षाबलों ने घेर रखा था।
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रियाज नायकू का बेगपोरा में एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
दोपहर में एक आतंकी घर से बाहर निकलकर सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग कर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन सुरक्षाबलों ने उसे ढेर कर दिया। दूसरी ओर से फायरिंग बंद हो गई तो सुरक्षाबलों ने आईईडी लगाकर उस मकान को उड़ा दिया जहां से फायरिंग हो रही थी। इसके बाद तलाशी अभियान में दो आतंकियों के शव बरामद किए गए। इनमें एक रियाज नायकू का शव था।

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रियाज नायकू का बेगपोरा में एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार शरशाली गांव में भी मंगलवार को आधी रात के बाद मुठभेड़ शुरू हुई थी। यहां भी सुबह 10 बजे तक सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया। पुलिस का कहना है कि इनकी शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। किस संगठन से जुड़े थे, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

 
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रियाज नायकू का बेगपोरा में एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
हिंसा की आशंका में पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट के साथ ही निजी मोबाइल ऑपरेटरों की सेवाएं ठप कर दी गई हैं। श्रीनगर समेत दक्षिणी व उत्तरी कश्मीर में भी इंटरनेट बंद है।
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रियाज नायकू का बेगपोरा में एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
रियाज नायकू आतंकियों के जनाजे में शामिल होता था। वह सुरक्षाकर्मियों की वर्दी में एके-47 राइफल लेकर पहुंचता था। हवा में फायरिंग कर गन सैल्यूट देता था। गन सैल्यूट के बाद वह भीड़ का फायदा उठाते हुए मौके से आसानी से निकल जाता था।
 
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रियाज नायकू का बेगपोरा में एनकाउंटर
रियाज नायकू तीन बार सुरक्षाबलों को मुठभेड़ के दौरान चकमा देकर भाग निकला था। मुठभेड़ के दौरान भारी पथराव का फायदा उठाते हुए वह मौके से निकल गया था।
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आतंकी रियाज नायकू
अप्रैल 1985 में जन्मे रियाज नायकू स्कूल में गणित का शिक्षक था। 2010 में एक नागरिक की मौत के बाद घाटी में व्यापक पैमाने पर भड़की हिंसा के दौरान नायकू को हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह 2012 में रिहा हुआ था। इसके बाद वह हिजबुल मुजाहिदीन ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम करने लगा था। आतंकी रियाज नायकू के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन की कमर टूट गई है। आठ साल तक शातिर आतंकी रियाज नायकू आतंकी वारदातों को अंजाम देते हुए सुरक्षाबलों को गच्चा देता रहा। इतना ही नहीं घाटी के युवाओं को गुमराह कर आतंकी भी बनाता रहा। नायकू के खात्मे के साथ ही कश्मीर में हिजबुल भी खात्मे की कगार पर पहुंच गया है।
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