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Rajouri Encounter: केसरी हिल फिल्मी कहानी से कम नहीं, पहले फायरिंग फिर विस्फोट से सेना को पहुंचाया बड़ा नुकसान

Sat, 06 May 2023 02:08 AM IST
विमल शर्मा बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
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राजोरी के कंडी केसरी हिल में ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई

राजोरी के केसरी हिल की घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती है। जिस प्रकार फिल्मों में अपराधियों की पुलिस तक सूचना पहुंचाने और फिर हमला करने का फिल्मांकन किया जाता है, ठीक उसी प्रकार का माहौल दहशतगर्दों ने बनाया। सूत्रों के अनुसार पहले आतंकियों ने खुद फायरिंग कर यह बताया कि दहशतगर्द किस ओर छिपे हुए हैं और फिर खुद आईईडी विस्फोट कर दिया। इसमें पांच जवान गाल के मुंह में समा गए। सूत्रों ने बताया कि आतंकियों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों का ध्यान आकर्षित करने के लिए पहले खुद ही फायरिंग की।

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राजोरी के कंडी केसरी हिल में ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई
इस पर जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। इसके बाद आतंकी फायरिंग करते हुए इलाके में बनी प्राकृतिक गुफाओं में जाकर छिप गए। सैन्य जवान जब फायरिंग वाले ठिकाने की ओर बढ़ने लगे तभी आतंकियों ने आईईडी विस्फोट कर दिया। जवानों को संभलने तक का मौका तक नहीं मिला और छह जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में पांच ने दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल मेजर जीवन और मौत के बीच कमान अस्पताल उधमपुर में संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि सेना और पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम के बारे में कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन जो हालात बने हैं उससे लगता है कि आतंकियों ने पहले फायरिंग की फिर आईईडी ब्लास्ट।
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राजोरी के कंडी केसरी हिल में ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई

केसरी हिल की घटना के बाद एसओपी में बदलाव की जरूरत

पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद का कहना है कि केसरी हिल की घटना फिल्मों की याद ताजा कराती है। सुरक्षा बलों को और एहतियात बरतने की जरूरत है। अपनी रणनीति भी बदलनी चाहिए, क्योंकि जिस प्रकार से केसरी हिल की घटना हुई है उसने एसओपी में बदलाव की जरूरत पर भी बल दिया है। कश्मीर घाटी में 2017 में ऑपरेशन ऑल आउट शुरू करने के बाद वहां आतंकी लगभग खत्म हो गए, फिर दहशतगर्द लक्षित हत्याएं करने लगे। अब इस पर भी काबू पाने में सफलता मिली है तो पिछले दो साल से जम्मू संभाग को निशाना बनाया जाने लगा है।

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राजोरी के कंडी केसरी हिल में ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई

जी20 से पहले राजोरी-पुंछ निशाने पर

सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर में इसी महीने हो रही जी20 की बैठक से पहले सीमा पार से आईएसआई और आतंकी संगठनों के आकाओं ने सीमावर्ती जिले राजोरी-पुंछ को निशाना बनाया है। कारण - घाटी में सुरक्षा तो चाक-चौबंद है ही, दूसरी ओर अब कश्मीरी युवाओं का रुझान भी कम हुआ है। इस साल राजोरी व पुंछ में आतंकी केसरी हिल को लेकर अब तक तीन बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। साल के पहले दिन राजोरी के ढांगरी में हमला कर नौ नागरिकों की हत्या करने के बाद पिछले महीने पुंछ के भाटादूड़ियां में सैन्य वाहन पर हमला कर पांच जवानों को शहीद कर दिया था। अब केसरी हिल में भी पांच जवानों को शहादत का जाम पीना पड़ा।
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राजोरी के कंडी केसरी हिल में ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई

आतंकियों ने कर रखी थी पूरी तैयारी

जिस ढंग से यह वारदात हुई है उससे लगता है कि आतंकियों ने पूरी तैयारी कर रखी थी। घने जंगल और पहाड़ी इलाके आतंकियों को अपनी साजिश को अंजाम देने में अनुकूल माहौल प्रदान कर रहे हैं। वर्ष 2021 में आतंकियों ने जिस प्रकार से पुंछ के भाटादूड़ियां में हमला कर जवानों को शहीद किया था उसी प्रकार की साजिश इस बार भी रची गई है। भाटादूड़ियां में भी घने जंगल के बीच जवानों को ऑपरेशन के दौरान शहादत मिली थी। जिस जगह यह वारदात हुई है वह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा व रियासी के माहौर से लगती है। दोनों ही इलाके आतंकियों के कभी गढ़ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि आतंकी इलाके में घेराबंदी सख्त होने पर पुलवामा व माहौर की ओर भी निकल सकते हैं।
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