धुंध, बारिश तथा तूफान में भी अब अदृश्य दीवार से भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी हो सकेगी। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के पहले स्मार्ट फेंस का सोमवार को शुभारंभ किया। यह कंप्रेहेंसिव इंटीग्रेटेड बार्डर मैनेजमेंट सिस्टम (सीआईबीएमएस) का हिस्सा है। इस फेंस के फायदे यह है कि इसमें लगे सेंसर घुसपैठ या किसी भी प्रकार की गतिविधियों की समय रहते जानकारी दे देंगे और समय रहते इस पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। इसे बाद में पूरी सीमा पर लगाया जाएगा।
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smart fence
जम्मू में 5.5 किलोमीटर में लगाया गया फेंस
जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 5.5 किलोमीटर क्षेत्र में लगाया गया यह फेंसिंग अपनी तरह की पहला हाईटेक निगरानी प्रणाली है, जो जमीन, पानी हवा और भूमिगत स्तर पर एक अदृश्य इलेक्ट्रॉनिक दीवार का काम करेगी। इस प्रणाली से सीमा सुरक्षाबल के जवानों को मुश्किल क्षेत्रों में घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी। सीआईबीएमएस के तहत अत्याधुनिक सर्विलांस टेक्नॉलजी, थर्मल इमेजर्स, इंफ्रॉरेड और लेजर आधारित घुसैपठ अलार्म हैं जो एक अदृश्य जमीनी चहारदीवारी का निर्माण करेंगे।
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rajnath singh
सुरंगों के जरिये घुसपैठ का भी लगेगा पता
इस प्रणाली में हवाई निगरानी के लिए एयरोस्टेट, सुरंगों के जरिए घुसपैठ का पता लगाने में मदद के लिए ग्राउंड सेंसर, पानी के रास्ते के लिए सेंसर युक्त सोनार सिस्टम, जमीन पर ऑप्टिकल फाइबर सेंसर है। किसी भी आपात स्थिति में सेंसर से समय रहते कंट्रोल रूम तक सूचना पहुंच जाएगी।
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राजनाथ सिंह
फिजिकल पेट्रोलिंग पर घटेगी निर्भरता
राजनाथ ने बताया कि सीआईबीएमएस शुरू करने के बाद हमारी सीमाएं और अधिक सुरक्षित होंगी। हम जल्द ही इस तकनीक को 2026 किलोमीटर की सीमा पर लागू करेंगे जिसे असुरक्षित माना जाता है। इससे फि जिकल पेट्रोलिंग पर हमारी निर्भरता भी घटेगी।
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह जम्मू दौरे पर
- फोटो : अमर उजाला
शहीद होने वाले जवानों की संख्या में आएगी कमी
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस स्मार्ट बाड़ से सीमा पर शहीद हो रहे हमारे जवानों की संख्या में कमी आएगी और जवानों में तनाव का स्तर भी बहुत हद तक कम होगा। फिजिकल पेट्रोलिंगकम होने से पाकिस्तान जवानों को निशाना नहीं बना सकेगा।
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राजनाथ सिंह संबोधित करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा सुरक्षा सरकार की सबसे शीर्ष प्राथमिकता है। स्मार्ट सीमा बाड़ की मदद से हमारी सीमाएं सुरक्षित होंगी और जवानों द्वारा पेट्रोलिंग पर निर्भरता कम होगी। सीआईबीएमएस निगरानी, संचार और डाटा संग्रह के लिए अलग-अलग यंत्रों का इस्तेमाल करता है। बीएसएफ इससे सीमा पर 24 घंटे निगरानी करने में सक्षम होगा।
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rajnath singh
स्मार्ट फेंस का उद्घाटन करने के बाद कहा कि हमने पहले ही सभी सीमाओं पर कुछ संवेदनशील क्षेत्रों और खाली स्थानों की पहचान कर ली है। 2026 किलोमीटर लंबी सीमा अतिसंवेदनशील है और सीमा पर ऐसे क्षेत्रों की रक्षा के लिए डिजिटल बाड़ प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सीमा बुनियादी ढांचा को उन्नत करने की दिशा में कार्य कर रही है। सीमाई इलाकों में 600 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है तथा सैकड़ों सीमा चौकियों का निर्माण किया गया है। इस अवसर पर पीएमओ राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, विधानसभा अध्यक्ष डा. निर्मल सिंह, पूर्व उप मुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता, सांसद जुगल किशोर शर्मा व शमशेर सिंह मन्हास, पूर्व मंत्री बाली भगत, डीजी बीएसएफ केके शर्मा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
स्कूली बच्चों ने तिरंगे से किया स्वागत
गृहमंत्री स्वच्छ भारत अभियान में भी शामिल हुए और बीएसएफ अधिकारियों, परिवार के सदस्यों और जवानों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। पौधरोपण किया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने तिरंगे से उनका स्वागत किया। सड़क पर स्कूली बच्चों ने तिरंगे हिलाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।