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Poonch Terror Attack: पुंछ हमला जांच एजेंसियों के लिए बना पहेली, आतंकियों की दागी गोलियों के खोल तक नहीं मिले

Sat, 22 Apr 2023 02:32 AM IST
विमल शर्मा मुनीश शर्मा, पुंछ
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पुंछ में सैन्य वाहन में लगी आग - फोटो : संवाद

भाटादूड़ियां में आतंकी हमला सुरक्षा और जांच एजेंसियों के लिए पहेली बन गया है। घटनास्थल पर आतंकियों की तरफ से दागी गई गोलियों का एक भी खोल नहीं मिला है, जो हैरान करने वाला है। हमले में शहीद हुए जवानों के शरीर और वाहन को कई स्थानों पर गोलियां लगी हैं। आतंकियों द्वारा ग्रेनेड दागे जाने की बात सामने आने के बाद भी घटनास्थल से ग्रेनेड का एक भी टुकड़ा तक नहीं मिला और न ही इसका कोई पिन मिला है, जो अकसर आतंकी हमले में ग्रेनेड दागे जाने के बाद आसानी से मिल जाता है।

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आतंकी हमले के पुंछ के जंगलों में चलाया गया तलाशी अभियान - फोटो : संवाद
ये सब बातें जांच का विषय हैं और जांच के बाद ही इनकी सच्चाई सामने आएगी। हालांकि डीजल टैंक क्षतिग्रस्त हालत में वाहन से अलग पड़ा है। उस पर भी गोलियों के निशान साफ दिख रहे हैं। जिस तरह कुछ ही पलों में वाहन आग का गोला बन गया, यह सोचने की बात है कि अगर डीजल टैंक को भी आग लगती तो इतनी जल्दी पूरे वाहन को अपनी चपेट में न ले लेती। ऐसे में यह सब साक्ष्य आतंकियों की ओर से नए हथियार या केमिकल का प्रयोग करने का इशारा करते हैं, जिसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
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Poonch Terror Attack - फोटो : एएनआई
हालांकि विभिन्न जांच एजेंसियों ने हमले के साक्ष्य खंगालने शुरू कर दिए हैं। एजेंसियों ने हर पहलू और इंच-इंच की जांच कर घटनास्थल को खंगाला, ताकि सुराग हाथ लग सकें। जले सैन्य वाहन में भी हमले के सुराग ढूंढे। घटनास्थल से कई प्रकार के सैंपल लिए गए, ताकि जांच कर इस बात का पता लगाया जा सके कि आतंकियों ने इस हमले को अंजाम देने के लिए किन-किन हथियारों का प्रयोग किया। शुक्रवार सुबह सबसे पहले सेना और पुलिस का बम निरोधक दस्ता घटनास्थल पर पहुंचा।

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पुंछ में आतंकी हमले के बाद जांच करते सुरक्षाबल - फोटो : संवाद
वहां के हालात का जायजा लेने के साथ ही वाहन के भीतर-बाहर और पीछे बारीकी से जांच करते हुए इस बात का पता लगाने का प्रयास किया कि सैन्य वाहन पर किस प्रकार के विस्फोटक का प्रयोग किया गया। बम निरोधक दस्ते ने वहां से नमूने भी एकत्र किए। इसी बीच पुंछ पुलिस की फोरेंसिक लैब की तीन सदस्यीय टीम भी घटनास्थल पहुंची और उसने भी वाहन व आसपास के क्षेत्र की जांच करने के साथ ही जवानों की बंदूकों की गोलियां, मैगजीन व अन्य सामान एकत्र कर सैंपल उठाए, जिन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है।
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पुंछ आतंकी हमले के बाद मौके पर आसपास के लोग - फोटो : संवाद
इसी बीच एनआईए की टीम ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर जांच करते हुए मामले को अपने अधीन ले लिया।जानकारी के अनुसार जांच एजेंसियों ने चार से पांच घंटों तक अपनी इस कार्रवाई को अंजाम दिया। 
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पुंछ आतंकी हमले के बाद तैनात सुरक्षाबल - फोटो : संवाद

18 माह में तीन हमले, एक  भी आतंकी नहीं चढ़ा हत्थे

तमाम सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भाटादूड़ियां के जंगल के भूल-भुलैया का तिलिस्म तोड़ नहीं पा रहीं। पिछले 18 महीनों से इन जंगलों में छिपे आतंकियों ने तीन हमलों को अंजाम दिया है और इनमें से एक भी हमले की साजिश का पता नहीं लग पाया है। बता दें कि 11 अक्तूबर, 2021 को भाटादूड़ियां के जंगल में छिपे आतंकियों ने सेना के सर्च कर रहे दल पर हमला कर दिया था। 18 महीने बीत जाने के बाद भी इन आतंकियों का पता नहीं चला है। 11 अक्तूबर से लेकर अब तक पुंछ और राजोरी में आतंकियों ने पांच हमलों को अंजाम दिया है। इनमें 14 जवान शहीद हुए, नौ नागरिकों की जान गई, जबकि एक भी आतंकी नहीं मारा गया है।
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पुंछ हमले में शहीद जवान - फोटो : पीआरओ

हमलों के लिए हाइब्रिड आतंकियों का इस्तेमाल 

सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान के 6 से 7 आतंकी इस समय राजोरी-पुंछ के जंगलों में छिपे हैं। ये हाइब्रिड आतंकी सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर नहीं आ रहे। यह भी संभव है कि भाटादूड़ियां में हुआ हमला हाइब्रिड आतंकियों की करतूत हो। ये वहीं आतंकी हों, जिन्होंने राजोरी के डांगरी में नरसंहार किया। सूत्रों की मानें तो पिछले 18 महीनों से इन जंगल में हो रहे हमलों के  बाद आतंकी वापस पाकिस्तान पहुंच जाते हैं। यही कारण है कि उनका पता नहीं  चल पाता। 

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