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तस्वीरेंः आतंक के गढ़ अनंतनाग में पुलिस बनी देवदूत, घर-घर जाकर पूछा- फोन तो नहीं करेंगे

Fri, 06 Sep 2019 11:22 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
संचार सेवाएं बंद होने से आतंक का गढ़ कहलाने वाले दक्षिण कश्मीर के इस इलाके में लोग दिक्कतों को सामना कर रहे थे लेकिन पुलिस थानों में बनाए गए मुफ्त लैंडलाइन टेलीफोन केंद्रों ने उन्हें काफी राहत पहुंचाई। संचार पाबंदी के कारण कश्मीर घाटी से बाहर काम करने वालों के परिजन काफी परेशान थे और वह अपने रिश्तेदारों व परिचितों से बात करने के लिए बेताब थे।
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
ऐसे मौके पर जम्मू कश्मीर पुलिस एक बार मददगार बनकर सामने आई और सरकार ने सभी पुलिस थानों में टेलीफोन की व्यवस्था बनाई। अनंतनाग में कई स्थानों पर पुलिस के अधिकारी घर-घर जाकर यह पूछते मिले कि आपको कहीं फोन तो नहीं करना है।



 
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
बिजबिहाड़ा पुलिस थाने के अधिकारियों ने विशेष रूप से उन घरों में संपर्क किया जिनके बच्चे बाहर दूसरे प्रदेशों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
 

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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
पुलिस के इस प्रयास के फलस्वरूप पुलिस थानों के अंदर बात करने वालों की लंबी कतार दिखाई पड़ी।
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
आम जनता सरकार के इस कदम से काफी खुश नजर आई। लोगों ने इसके लिए राज्यपाल का आभार भी प्रकट किया।
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