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सीमा से सटे गावों का दर्द जानकर आंखें भर आएंगी, लोग बोले- या तो पाकिस्तान को खत्म करो या हमें जहर दो

Sun, 08 Dec 2019 02:58 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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पाकिस्तान द्वारा की गई मोर्टार शेलिंग - फोटो : अमर उजाला
कठुआ जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में लोग पाकिस्तान की नापाक हरकतों से परेशान हो चुके हैं। अमर उजाला की टीम ने इन क्षेत्रों में जाकर लोगों का हाल जाना। इस दौरान ग्रामीणों ने कुछ ऐसी बातें कही जिन्हें सुनकर किसी के भी आंसू निकल आएं। इतनी ही नहीं पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर खून खौलने लगेगा। एक ग्रामीण ने कहा कि हमारा गांव बॉर्डर पर बसा है। आए दिन पाकिस्तान की ओर से हो रही गोलाबारी के कारण जिंदगी जहन्नुम बन चुकी है।

पाकिस्तान की नापाक हरकतें और लोगों की आपबीती

अगली स्लाइड में पढ़ेंः जवान बेटियों को लेकर बार-बार कहां जाएं...

 
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पाकिस्तान द्वारा की गई मोर्टार शेलिंग - फोटो : अमर उजाला
रोजाना की गोलाबारी से सरकार राहत दिलाए। या तो पाकिस्तान को खत्म कर दिया जाए या फिर सीमा पर रहने वाले लोगों को जहर दे दिया जाए। फसल काटने का समय हो या लगाने का पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी शुरू हो जाती है। जवान बच्चियों को लेकर बार-बार कहां जाएं। यह दर्द वार्ड चार छन्न लाल दीन गांव की पंचायत सदस्य आशा रानी ने बयां किया।

अगली स्लाइड में पढ़ेंः गांव के हर घर की एक है कहानी...
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पाकिस्तान द्वारा की गई मोर्टार शेलिंग - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सुबह रोशनी की पहली किरण फूटते ही छन्न लाल दीन गांव के लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा। गांव के हर घर की कहानी लगभग एक सी है। बच्चे रात भर नहीं सोए। सुबह डर के मारे स्कूल नहीं जाना चाहते। रात को चूल्हा चौका शाम ढलने से पहले करना मजबूरी बन गया है।

अगली स्लाइड में पढ़ेंः आगे कुंआ पीछे खाई वाली स्थिति बनी हुई है...

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पाकिस्तान द्वारा दागा गया मोर्टार - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण यह सुनिश्चित करते हैं कि परिवार का कोई सदस्य शाम ढलने के बाद घर से बाहर न रहे। मगर घरों में भी कहां सुरक्षित है। ऐसे में सीमावर्ती ग्रामीणों के लिए पिछले ढाई महीने से आगे कुंआ पीछे खाई वाली स्थिति बनी हुई है। पांच-पांच मरले पर प्लाट देने की मांग की जाती रही है, ताकि सुरक्षित जगह पर पनाह मिल सके।


अगली स्लाइड में पढ़ेंः ऐसी जिंदगी से अब तंग आ चुके हैं...
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पाकिस्तान द्वारा की गई मोर्टार शेलिंग में दीवार टूटी - फोटो : अमर उजाला
गांव की सीता देवी ने बताया कि गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि भी पूरा इलाका धमाकों से गूंजता रहा है। परिवार के सदस्य पूरी रात नहीं सो पाए। यहां के लोग ऐसी जिंदगी से अब तंग आ चुके हैं। गांव का एक बुजुर्ग पिछले आठ साल से चलने-फिरने में असमर्थ है और देर रात जिस कमरे में वह चारपाई पर था, वहां गोलियां आकर गिरीं। बुजुर्ग ने भी नम आंखों से आपबीती कही।

अगली स्लाइड में पढ़ेंः लोगों का जीना मुहाल हो गया है...

 
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पुंछ जिले के शाहपुर सेक्टर में गिरा मोर्टार शेल - फोटो : अमर उजाला
छन्न लाल दीन के सरपंच विक्रम सिंह ने कहा कि रात के समय भारी गोलाबारी हो रही है। बच्चे रातभर दहशत में नहीं सोते, ऐसे में सुबह स्कूल कैसे जाएंगे। गांव के कई मकान भी गोलियों से छलनी होते रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि ग्रामीणों को गोलाबारी से पहले शिफ्ट किया जाए। चूंकि गोलाबारी रात के समय हो रही है और पिछले ढ़ाई महीनें से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।

अगली स्लाइड में पढ़ेंः गोलाबारी ने पूरी उम्र न भूलने वाले जख्म दिए हैं...
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गांव में मिला मोर्टार - फोटो : ani
उन्होंने बताया कि पहले भी गोलाबारी की जद में छन्न लाल दीन गांव आता रहा है। यहां के लोगों को गोलाबारी ने पूरी उम्र न भूलने वाले जख्म दिए हैं। पहले हुई गोलाबारी में गांव के एक घर में मोर्टार का गोला गिरा था। परिवार के चार सदस्य घायल हुए और एक की मौत हो गई थी, लेकिन सरकार की ओर से कुछ भी नहीं मिला। ऐसे में सीमावर्ती इलाकों में रहना सिर्फ मौत को गले लगाना है। रोजाना के इन धमाकों के बीच अपनों की हालत देखी नहीं जाती है। हर सुबह बस यही प्रार्थना होती है कि किसी भी तरह का जानमाल का नुकसान न हुआ हो।

अगली स्लाइड में पढ़ेंः गोलियों से छलनी हो चुके हैं घर...

 
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गांव में मिला मोर्टार - फोटो : ani
स्थानीय निवासी पुरुषोत्तम लाल ने बताया कि सरकार को कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। गांव के घर गोलियों से छलनी हो चुके हैं। बंकर भी अधूरे हैं। सरकार को दिलासों की जगह अब जमीन पर होने वाले काम पर नजर रखनी चाहिए। ठेकेदार भी अधूरा काम छोड़ रहे हैं, चूंकि उन्हें निर्माण के लिए संबंधित विभाग की ओर से राशि जारी नहीं की जा रही है। ऐसे में सरकार या विभाग किस तरह से सीमावर्ती ग्रामीणों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं साफ देखा जा सकता है।
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