पांच अगस्त को जब राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की घोषणा के साथ लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा की तो यहां की जनता सड़कों पर निकलकर नाच रही थी। जश्न मना रही थी। इसमें बच्चे, युवा व बुजुर्ग, महिला और पुरुष सभी शामिल थे। इन्हीं में एक थे चेवांग डोलमा। 68 वर्षीय डोलमा यहां एक सरकारी अस्पताल से मैट्रन के तौर पर सेवानिवृत्त हुए वह कहते हैं कि लद्दाखी 70 वर्षों से इसका सपना देख रहे थे। वह अब पूरा हुआ। आखिरकार कश्मीर से अलग होकर लद्दाख एक केंद्र शासित प्रदेश बन गया। वहीं नाम उजागर करने की शर्त पर एक छात्रा ने कहा कि हमें कई सरकारी कर्मचारियों की मुट्ठियां गर्म करनी पड़ती थीं।