हिंसा से सुलगते कश्मीर के युवाओं में सेना की वर्दी पहनने का जुनून हैरान करने वाला है। जम्मू एंड कश्मीर लाइट इनफेंट्री का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 308 युवाओं ने घाटी में सेना की वर्दी पहनी।
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- फोटो : Amar Ujala
जोश से लबरेज इन युवाओं ने पासिंग आउट परेड में शामिल होकर देश पर मर मिटने की कसम खाई। रियासत के इन नए जांबाजों में 116 युवा कश्मीर घाटी से हैं। श्रीनगर से नौ किलोमीटर दूर रंगरेथ इलाके में स्थित बाना सिंह परेड ग्राउंड में पासिंग आउट परेड हर देखने वाले के लिए आकर्षण का केंद्र बनी।
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जैकलाई की पासिंग आउट परेड ऐसे वक्त पर हुई जब कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ स्थानीय लोगों की झड़पें हो रही हैं। 41 दिनों की हिंसा से इतर रियासत के अलग अलग हिस्सों से युवाओं ने सेना का सिपाही बनने का सफर तय किया।
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खास बात है कि पासिंग आउट परेड देखने वाले लोगों में अभिभावकों और रिश्तेदारों की संख्या 1500 थी जो लगातार परेड में युवाओं की हौंसलाफजाही करते रहे। परेड के दौरान युवाओं और उनके अभिभावकों ने मोमबत्तियां जलाकर कश्मीर में अमन की दुआ मांगी। बाकायदा रेजिमेंट का तराना गाया गया।
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मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद राज्यपाल एनएन वोहरा ने कहा सेना के युवा सिपाही अब और युवाओं को सुरक्षा बलों का हिस्सा बनने की प्रेरणा बनेंगे। उन्होंने कहा आज यदि युवा सेना में शामिल हुए हैं तो इसके पीछे उनके अभिभावकों की प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी सुरक्षा बलों के पेशे को समझ पाए।
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चिनार कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल एसके दुआ ने कहा घाटी में हालात खराब होने के बावजूद युवाओं में सेना की भर्ती रैलियों के लिए जबरदस्त उत्साह है। अगले महीने सेना दो भर्ती रैलियां आयोजित करने जा रही है।
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आगामी रैलियों के लिए भी युवाओं में खासा उत्साह है। परेड के बाद एसके दुआ ने कहा पिछले चालीस दिनों का माहौल अफसोसजनक रहा है। हमें घाटी में अमन बहाली के लिए नये तरीके तलाशने होंगे।
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हिंसक प्रदर्शन और रैलियों पर दुआ ने कहा आठ जुलाई के बाद प्रदर्शन बेहद हिंसक थे लेकिन अब हालात पहले से बेहतर हैं। सेना संयम के साथ काम कर रही है।
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दुर्भाग्य से कहीं अनहोनी हो रही है तो उससे हालात फिर से खराब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कायदा कानून का काम देखना पुलिस और अर्द्धसैन्य बलों का है। सेना आतंकवाद से निपटने के लिए तैनात है। हिंसा के शुरुआती दौर में जब 22 पुलिस थानों पर भीड़ ने हमले किए तो सेना को मदद के लिए आना पड़ा।
पासिंग आउट परेड में सांबा जिले के रिशू संब्याल को राज्यपाल ने शेरे कश्मीर सम्मान दिया। त्रिवेणी सिंह को ओवरआल बेस्ट रिक्रूट और उध्माुपर के मोहम्मद रजाक को बेस्ट इन ड्रिल सम्मान दिया गया।