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Pak Drone in J&K: एक साल में जम्मू-कश्मीर में कब-कब हुई ड्रोन की घुसपैठ, क्या है पाक की नापाक साजिश

Fri, 10 Jun 2022 11:00 AM IST
kumar गुलशन कुमार अजय मीनिया, जम्मू

सार

अकेले इंटरनेशनल बार्डर पर एक साल में 13 बार ड्रोन सीमा पार से आया, जिसे बीएसएफ की ओर से देखा गया या फिर मार गिराया गया या फिर फायरिंग कर वापस भागने पर मजबूर कर दिया गया।
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drone - फोटो : फाइल फोटो
पाकिस्तान में बैठे आतंकियों की ड्रोन साजिश थमने का नाम नहीं ले रही। वायुसेना स्टेशन जम्मू पर ड्रोन से आईईडी हमले के एक साल बाद भी ड्रोन की घुसपैठ पर रोक नहीं लग पाई है। इस बीच देश में हल्ला जरूर मचा कि बीएसएफ और डीआरडीओ मिलकर ड्रोन से निपटने को तकनीक विकसित करेंगे। वहीं अब तक ड्रोन से निपटने के लिए बीएसएफ और सेना के देसी एंटी ड्रोन गन ही स्थापित हो पाए हैं। 

पाकिस्तान निरंतर ड्रोन से हथियार, गोला बारूद और ड्रग्स भेज रहा है। पाकिस्तान की हिमाकत इस कदर है कि पिछले 10 दिन में बार्डर पर तीन बार ड्रोन भेजा गया। दो बार हथियारों के साथ और तीसरी बार का कुछ पता नहीं चला कि ड्रोन से हथियार आए थे या नहीं।
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Kathua Drone Shoot Down (File) - फोटो : सोशल मीडिया
अकेले इंटरनेशनल बार्डर पर एक साल में 13 बार ड्रोन सीमा पार से आया, जिसे बीएसएफ की ओर से देखा गया या फिर मार गिराया गया या फिर फायरिंग कर वापस भागने पर मजबूर कर दिया गया। वहीं, कई बार ऐसा हुआ है कि ड्रोन आया और बीएसएफ ने इसे मानने से इंकार कर दिया। सवाल यही है कि आखिर ऐसी तकनीक कब विकसित होगी कि सीमा पार से ड्रोन आने पर उसका पता चल जाए। वहीं एलओसी और बार्डर पर नजर डालें, तो एक साल में 50 बार से अधिक भारतीय सीमा में पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए हैं। 
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ड्रोन से बरामद संदिग्ध सामान - फोटो : एएनआई
पहले हथियार, अब स्टिकी बम
पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए पहले यहां ड्रग्स और हथियार भेजे जा रहे थे। अब ड्रोन के जरिए स्टिकी बम भेजे जा रहे हैं। इन्हें पूरी तरह से तैयार करके भेजा जा रहा है। स्टिकी बम से विस्फोट और हमला करना आसान है। इसलिए इनका इस्तेमाल किया जा रहा है।

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Drone - फोटो : संवाद
इस बार रेकी करने के लिए भेजा ड्रोन
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से अरनिया में भेजा गया ड्रोन एक सपाई ड्रोन था, जिसे पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलरों ने रेकी करने के लिए भेजा था। माना जा रहा है कि इस ड्रोन से आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए मुफीद रास्ता तलाश करने के लिए भेजा गया था, लेकिन बीएसएफ के सतर्क जवानों ने ड्रोन को देख लिया और इस पर फायरिंग करने के बाद लौट गया। बीएसएफ के डीआईजी एसपी संधु का कहना है कि मौके से फिलहाल तलाशी में कोई चीज नहीं मिली है। यह ड्रोन रेकी करने के लिए आया था।
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police shot down hexacopter drone (File) - फोटो : अमर उजाला
एक साल में कब कहां दिखा ड्रोन 
  • 02 जुलाई अरनिया सेक्टर 
  • 14 जुलाई अरनिया सेक्टर
  • 23 अगस्त अरनिया सेक्टर
  • 07 अक्तूबर अखनूर सेक्टर
  • 05 मार्च अरनिया सेक्टर
  • 14 मई अरनिया
  • 07 जून कानाचक 
  • 06 जुलाई अखनूर
  • 27 जून वायुसेना स्टेशन
  • 28 जून कालूचक सैन्य कैंप
  • 29 मई हीरानगर सेक्टर
  • 15 जुलाई पलांवाला सेक्टर
  • 03 अक्तूबर फला मंडाल के सुहांजना जम्मू
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