उसे नहीं पता कि वह कहां पर है। वह बार-बार यही कह रहा है ‘मुझे सिर्फ शोर सुनाई दिया और उसके आगे कुछ पता नहीं है।’ यह शख्स परिवार के बारे में भी कुछ नहीं पूछ रहा। जीएमसी की ओल्ड इमरजेंसी वार्ड के बेड नंबर 187 पर बेसुध पड़ा डोडा दर्दनाक हादसे में बचा एकमात्र घायल तैमूर (25) निवासी मंगोता (तहसील मरमत, जिला डोडा) इस हादसे में अपने दो बेटे और पत्नी को खो चुका है।