डोडा सड़क हादसा
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अंतिम विदाई में पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों महिलाओं को समझा कर शव उठाए और सबको दफनाया गया। इसके लिए शवों को पांच अलग अलग स्थानों पर ले जाया गया। शवों को दफनाने की प्रक्रिया को पूरा करते शाम के करीब पांच बज गए। मृतकों के परिजनों व मंगोता के ग्रामीणों का कहना था कि 12 नवंबर को दिन को भी भूला नहीं जा सकता है। इस दिन को काले दिन की तरह याद रखा जाएगा, क्योंकि इस दिन हुए वाहन दुर्घटना ने हंसते खेलते परिवारों को उजाड़ कर रख दिया।