दक्षिण कश्मीर के पहलगाम के बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में एक पीड़ित परिवार की आपबीती सामने आई है। पीड़ित युवती ने बताया कि जब आतंकवादी आए तो उनका परिवार डर के मारे टेंट के अंदर छिपा हुआ था। उन्होंने युवती के 54 वर्षीय पिता संतोष जगदाले से कहा कि वे बाहर आकर एक इस्लामी आयत पढ़ें। जब वे ऐसा नहीं कर पाए, तो उन्हें तीन बार गोली मारीं। आतंकी ने एक गोली उनके सिर में, फिर कान के पीछे और फिर पीठ में गोली मारी।