केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने के बाद से आनलाइन शॉपिंग कंपनियों से सामान की खरीदारी करने वाले लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल सरकार के फैसले के बाद से ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियों के द्वारा कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प बंद कर दिया गया है।
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- फोटो : Demp Pic.
कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प बंद होने के कारण सेलरी आने तक के समय के दौरान सामान की डिलीवरी होने के लिए जो लोग ऑनलाइन सामानों की खरीदारी करते थे, उन्हें अब अपनी खरीदारी को कुछ दिन टालना पड़ा है।
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credit cards
दूसरी समस्या यह है कि कई बैंकों के क्रेडिट कार्ड की बिलिंग साइकल महीने के दूसरे हफ्ते से शुरू होती है। इस कारण शहर में कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने दीवाली के कारण पिछले महीने ही अपनी कार्ड लिमिट के बराबर की खरीदारी कर ली है। ऐसे में अब ये लोग ऑनलाइन पेमेंट के लिए नई बिलिंग साइकल के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
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ऑनलाइन शॉपिंग
इसके साथ ही एक और बड़ी परेशानी की बात ये है कि जिन लोगों ने घरों की शादियों और अन्य जरूरतों के लिए कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प देकर पहले से सामान ऑर्डर कर रखा है, उन सभी के सामान अब कंपनियों द्वारा डिलीवरी के लिए भेजे जा रहे हैं।
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ऑनलाइन शॉपिंग
जानकारी के मुताबिक इन सामानों में शादियों के सामानों में इलेक्ट्रानिक सामानों और कपड़ों की खरीददारी सबसे ज्यादा हुई है।
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एक हजार के नकली नाेट अा चुके हैं बाजार में
इन लोगों के पास घरों में नकदी के रूप में 500 और 1000 के नोट होने से अब सामानों की डिलीवरी को लेने से इंकार कर दिया जा रहा है। इससे ग्राहकों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।
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ई-कॉमर्स कंपनी
इसमें तकनीकी पेंच ये है कि कई कंपनियां अपने सामानों की आपूर्ति बंगलूरू और हैदराबाद जैसे शहरों से भी कराती हैं। ऐसे में जम्मू तक पहुंचते इन सामानों को 8-10 दिन का समय लगता है और जब ग्राहक कैश की उपलब्धता न होने की वजह से सामान लौटा देते हैं तो सामानों की वापसी में फिर 8-10 दिन का समय लग जाता है।
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mobile shimla
इस कारण जिन सामानों पर मैनुफैक्चरिंग डेट से वारंटी जोड़ी जाती है उनमें सामान पुराना होने के कारण ग्राहक को कम वारंटी मिलने का भी नुकसान उठाना पड़ता है।
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online apply
कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प खत्म होने के वजह से ऑनलाइन पेमेंट के विकल्प से खरीदारी के लिए डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड समेत ऑनलाइन पेमेंट विकल्पों के बढ़ने से वेबसाइटों पर पेमेंट पोर्टल के धीमा होने की बात सामने आ रही है।