अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। कश्मीर के अपने दौरे के दूसरे दिन बुधवार को उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही आम कश्मीरियों में विश्वास की बहाली की दिशा में पहल की।
विज्ञापन
2 of 5
शोपियां में लोगों के साथ खाना खाते अजीत डोभाल
- फोटो : ANI
आतंकवादग्रस्त दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में सड़क पर आम लोगों से मिलकर उनके साथ खाना खाया। उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका हित सुरक्षित है। इसे आंच नहीं आने दिया जाएगा। दौरे के तहत उनके लद्दाख जाने का भी कार्यक्रम है।
विज्ञापन
3 of 5
पुलिस के जवानों का हौसला बढ़ाते अजीत डोभाल
- फोटो : ANI
शोपियां दौरे के दौरान उन्होंने अलग-अलग इलाकों में जाकर सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था को जाना। यहां एक मुहल्ले में उन्होंने दुकान की सीढ़ियों पर बैठकर आम लोगों के साथ खाना खाया। उनसे मौजूदा स्थिति पर बात की। पुलिस अधिकारियों से मिलकर पूरे हालात की जानकारी ली। उन्होंने स्थिति पर नजर रखने तथा अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। हिदायत दी कि अनावश्यक रूप से किसी को परेशान न किया जाए। आम लोगों को यह लगे कि उनका हित सुरक्षित है।
4 of 5
पुलिस के जवानों का हौसला बढ़ाते अजीत डोभाल
- फोटो : ANI
दौरे में उनके साथ डीजीपी दिलबाग सिंह भी मौजूद थे। इससे पहले उन्होंने श्रीनगर में पुलिस, प्रशासन, खुफिया एजेंसियों तथा सेना के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी स्थिति की जानकारी ली। मंगलवार की रात उन्होंने राजभवन में राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था तथा पूरे हालात पर चर्चा की थी। मलिक से राजभवन में मिलकर आंतरिक व बाह्य सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
सीआरपीएफ के जवानों का हौसला बढ़ाते अजीत डोभाल
- फोटो : ANI
ज्ञात हो कि एनएसए 20 जुलाई को भी सीक्रेट मिशन के तहत कश्मीर दौरे पर आए थे। दो दिवसीय दौरे में उन्होंने सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के साथ अलग-अलग उच्च स्तरीय बैठकें की थीं। दौरे से उनके लौटते ही वहां 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजने का फैसला हुआ था। तब केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती घाटी में आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने, राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए की गई है।