सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोटों पर लगे बैन को सारे देश में आर्थिक सुधार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पर नोट बैन का फैसला जितना आर्थिक सुधार के लिहाज से बेहतर है उतना ही सुऱक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण भी।
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स्कूल में आतंकी हमला
- फोटो : social media
जानकारों की माने तो सरकार के इस फैसले की प्रमुख वजह आतंकी घटनाओं और गतिविधियों में काले धन का हो रहा इस्तेमाल भी है।
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Terrorist
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एक ओर जहां पाकिस्तान की ओर से आतंकियों को फंडिग करने के लिए हवाला के रास्ते का इस्तेमाल हो रहा था वहीं कई बार आतंकियों को नकदी के रूप में काला धन और जाली करेंसी देने की बात सामने आ चुकी है।
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EDI इमारत में आपरेशन जारी
- फोटो : Amar Ujala
पिछले दिनों पांपोर समेत कई आतंकी हमलों में मारे गए आतंकियों के पास से भारतीय मुद्राओं के मिलने की बात सामने आई थी।
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आतंकी ठिकाने से बरामद हथियारों के साथ सुरक्षा बल के जवान
- फोटो : File Photo
इसके अलावा पिछले कुछ दिनों में सेना द्वारा जिन जिन आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया है उनमें से कई में भारतीय मुद्राओं के मिलने की बात सामने आई थी।
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- फोटो : File Photo
इसके अलावा घाटी में हिंसा के लिए भी कई बार आतंकियों की बेनामी फंडिग की बात सामने आई है।
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रुपए
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक सरकार के निर्णय से बेनामी लेनदेन और फर्जी करेंसी पर रोक लग सकेगी।
इसके साथ ही जिन आतंकियों ने पिछले दिनों अवैध रास्तों से भारतीय मुद्राओं को इकठ्ठा करके अपने नापाक मंसूबे पूरे करने के सपने देखे थे सरकार द्वारा हुए निर्णय नें उन्हें भी नेस्तनाबूत कर दिया है।