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राष्ट्रीय बालिका दिवसः अमर उजाला की अनूठी पहल, देखिए कार्यस्थल पर इन बेटियों की तस्वीरें

Fri, 25 Jan 2019 12:30 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों में आत्मविश्वास जगाकर भावनात्मक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से अमर उजाला ने अनूठी पहल 'कार्यस्थल पर बेटियां' शुरू की है। मुहिम से जुड़ते हुए लोगों ने इसे सराहनीय कदम बताया। साथ ही अपने कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी लीं और अमर उजाला के साथ शेयर कीं। आप भी जुड़ें और सेल्फी शेयर करें। देखें जम्मू-कश्मीर की तस्वीरें और सेल्फी...
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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
दर्शन लाल भगत की बेटी
बेटी माता-पिता के सिर का ताज होती है। बेटी चंद्रमुखी के बिना घर सुना-सुना सा लगता है। छोटी सी उम्र में भी माता-पिता के प्रति सम्मान और प्रेम भाव उसमें दिखता है। 
 
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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
हमारी बेटी हमारा अभियान है  
मिष्ठी का हंसते, रोते और खेलते देखकर सुखद अहसास होता है। जब भी उसे बढ़ते देखता हूं तो गर्व होता है। जीवन में उसको हर वह मौका देना है, जहां से वह अपना भविष्य बना सके। 

बेटी- मिष्ठी, -पिता, योगिंद्र पाल, माता राजनी बेदी  

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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
...तो दिन गुजर जाता है अच्छा
आरध्या की तोतली जुबान से मामा-पापा सुनने में सच्ची खुशी मिलती है। रात में उसके साथ सोना का अहसास हजार खुशियों से बढ़कर होता है। बेटियां गर्व करने के लिए होती है। उनकी पुकार जीवन में नया हौसला देती है। 

आरध्या रैणा 
राजेश कुमार, पिता
स्थान- गाजनो, उधमपुर 
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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
मेरी घर की रोशनी है मेरी बेटी
कृतिका मेरी घर की रोशनी है। उसके सच्चाई और मासुमियत देखकर दिल जी उठता है। छोटी सी उम्र में उसकी व्यापक सोच उस पर गर्व करवाती है। 

कृतिका
राजकुमार, पिता 
स्थान-  जम्मू 
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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
बेटियों साथ समय बिताने पर मिलता है सुकून 
बेटियों के साथ समय बिताने पर सूकुन मिलता है। सानिया अबरोल और अर्पिता को हौसले देखकर मन ही मन उनके पिता होना का गर्व होता है। 

सानिया अबरोल और अर्पिता
राजीव अबरोल, पिता,
स्थान- गांधीनगर, जम्मू 
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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
घर की खुशियों की चाबी मेरी बेटी
बेटी मेरा मान - सम्मान है। उसके कारण पूरा परिवार में खुशी का माहौल रहता है। बेटी को पढ़ा लिखा कर उसे दुनिया की हर खुशी देनी है। 

अमरया कोचर 
राजेश कोचर पिता 
स्थान - ज्यूल चौक, जम्मू 

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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
जीवन का अटूट हिस्सा 
याशवी शर्मा मेरा जीवन का अटूट हिस्सा है। उसके बिना एक पल गुजारना मुश्किल होता है। जीवन में उसे हर खुशी और मौका देने का वचन दिया है

याशवी शर्मा 
रोहित शर्मा -पिता 
स्थान शक्ति नगर, जम्मू

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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
मेरा स्वाभिमान मेरी बेटी 
रिधी और सिधी मेरा स्वाभिमान है। उसके बिना जीवन की कलपाना ही नहीं की जा सकती है। उसके जीवन में सशक्त बनना है। 
गोविंद की बेटियां- रिधी और सिधी माथुर 

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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
रिधी की मुस्कराहट से पूरी थकान मीट जाती है। जब काम से वापिस आता हू तो उसका चेहरा देखकर पूरी थकान मीट जाती है। सुबह के समय उसका चेहरा देखकर पूरा दिन खुशहाल होता है। 

रिधी 
पिता, सन्नी, माता प्रिति 
स्थान बरनाई   
गोविंद पिता 
स्थान-  चिनैनी, उधमपुर 
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कार्यस्थल पर बेटियों के साथ सेल्फी - फोटो : अमर उजाला
सबसे प्यार है मुस्कान
अभाया की मुस्कान सबसे प्यारी लगती है। उसके चेहरे पर मुस्कान देखनी की हमेशा कामना रहती है। उसको गोद में खिलाने से मन को खुशी मिलती है। हर पल उसके साथ बिताया पल बड़ा हसीन होता है। 
अभाया वर्मा 
विशाल वर्मा, पिता 
स्थान - जम्मू
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