समाजवादी पार्टी के संरक्षक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव कश्मीर के हालात पर खास नजर रखते थे। घाटी में हालात बिगड़ने पर उन्होंने कई बार सेना को खुला हाथ देने और अलगाववादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत की। समाजवादी पार्टी के स्थापना वर्ष 1992 में भी जम्मू-कश्मीर में उथल पुथल चल रही थी। इसके चार साल बाद केंद्र में देवगौड़ा सरकार बनी तो मुलायम सिंह यादव को रक्षा मंत्री का जिम्मा सौंपा गया। इधर, वर्ष 1987 में हुए चुनाव के नौ साल बाद 1996 में जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराए गए। नौ अक्तूबर 1996 को डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री की शपथ ली। इसके कुछ ही हफ्तों बाद 4 नवंबर 1996 को तत्कालीन रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव ने जम्मू का दौरा किया। जम्मू-कश्मीर के हालात की समीक्षा के अलावा उन्होंने माता वैष्णो देवी के भी दर्शन किए थे।
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मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती दिनों से ही मुलायम यहां के हालात से बावस्ता रहे। इसके बाद जब कभी कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हमले हुए तो मुलायम ने सख्ती की वकालत की।
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मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
आठ जुलाई 2016 को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी को ढेर करने के बाद कश्मीर घाटी में बड़े स्तर पर हिंसा हुई। तब भी मुलायम ने सेना को खुला हाथ देने और अलगाववादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत की थी।
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मुलायम सिंह यादव का निधन
- फोटो : सोशल मीडिया
आपको बता दें कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का सोमवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था।