नवरात्र पर पहले तीन दिन में मां बैष्णो देवी के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या ने 1.20 लाख का आंकड़ा पार कर लिया है। पिछले वर्ष भक्तों की संख्या 1.05 थी। पंजीकरण कक्ष के कर्मियों ने बताया कि मंगलवार को 12 बजे तक 14 हजार भक्त भवन की ओर प्रवेश कर चुके थे।
विज्ञापन
2 of 5
नवरात्रि के चलते माता वैष्णो देवी दरबार में तैयारी शुरू
- फोटो : अमर उजाला
तीन बजे तक यह संख्या 21 हजार तक पहुंच गई थी। कक्ष बंद होने से कुछ समय पहले तक 35 हजार लोगों का रजिस्ट्रेशन हो चुका था। इससे पहले रविवार को 48963 व सोमवार को 39135 भक्तों ने मां के दर्शन किए। शनिवार व रविवार को भक्तों की संख्या में और अधिक वृद्धि होने का अनुमान है। इस बार भक्तों की संख्या अधिक रहने के साथ कटड़ा से लेकर भवन तक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
3 of 5
माता वैष्णो देवी दरबार
- फोटो : अमर उजाला
विशेष पूजा के साथ स्वर्ण द्वार भक्तों को समर्पित
नवरात्र के मौके पर माता के भवन में श्राइन बोर्ड की ओर से शतचंड़ी महायज्ञ में बड़ी संख्या में भक्त भाग ले रहे हैं। इस महायज्ञ के दौरान विश्व मूर्ति व गोपाल शास्त्री के साथ अन्य आहुति डाल रहे हैं। मंगलवार दोपहर को वैष्णो देवी में विशेष पूजा के बाद स्वर्णिम द्वार भक्तों के समर्पित किया गया। इस मौके पर मुख्य पुजारी अमीर चंद व सीईओ श्राइन बोर्ड सिमरनदीप सिंह, एडिशनल सीईओ विवेक वर्मा व एसडीएम भवन नरेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
4 of 5
माता वैष्णो देवी दरबार
- फोटो : अमर उजाला
प्रभात फेरी में कलाकारों ने लगाए चार चांद
नवरात्र पर्व पर मंगलवार को सुबह निकाली गई प्रभात फेरी में कंजक रूप में माता के नौ रूप आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में लोग इसका हिस्सा बने। जलापूर्ति विभाग के एईई अजय शर्मा मुख्य अतिथि। प्रभात फेरी के साथ हिमाचल प्रदेश, राजस्थान व महाराष्ट्र के कलाकारों ने नृत्य व भवन कीर्तन किया। मुख्य बस स्टेंड से शुरू हुई प्रभात फेरी दर्शनी डयोडी, डाक बंगला मुख्य बाजार से होते हुए बस स्टेंड पहुंची। जहां प्रसाद वितरण किया गया। प्रभात फेरी कमेटी के प्रधान राज कुमार पाधा ने बताया आने वाले दिनों देश के अन्य हिस्सों से कलाकार नृत्य व भजन प्रस्तुत करेंगे।
कथा में दान का महत्व बताया
दुर्गा भवन परिसर में आयोजित कथा में श्री अतुल कृष्ण शास्त्री ने मंगलवार को दान का महत्व बताया। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से दान देने की प्रथा है। इसकी महत्ता पर भी रोशनी डाली। कथा को सुनने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे थे। मौके पर सरदारी लाल दुबे, रवी नाग, नरेश केसर, मदन पाधा अजीत केसर, मोहन लाल मौजूद रहे।