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कुपवाड़ा के शहीदों की शौर्यगाथाः बर्फ खिसकी और नाले में पहुंच गए जवान, सामने थे आतंकी फिर हुई मुठभेड़

Tue, 07 Apr 2020 11:24 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद हुए जवान - फोटो : भारतीय सेना
कुपवाड़ा जिले के एलओसी पर केरन सेक्टर से घुसपैठ करने वाले आतंकियों के खिलाफ सेना के ऑपरेशन में खराब मौसम और विपरीत परिस्थितियों ने काफी दिक्कतें खड़ी कीं। बारिश, घने कोहरे और बर्फ के चलते ऑपरेशन बीच में स्थगित भी करना पड़ा। इस दौरान दो बार मुठभेड़ हुई। पहली बार तो आतंकी भाग निकले। दूसरी बार हुई मुठभेड़ में पांच आतंकियों को ढेर कर दिया गया, लेकिन इस दौरान पांच जवान शहीद हो गए।

 
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कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद जवान - फोटो : भारतीय सेना
कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में रविवार को हुई मुठभेड़ में शहीद हुए पांचों जवान स्पेशल फोर्स यूनिट के थे। इधर, घुसपैठियों के ग्रुप में 12 आतंकी बताए जा रहे हैं लेकिन सेना पांच का ही दावा कर रही है, जिन्हें मार गिराया गया है। इस ऑपरेशन के दौरान सेना को 5 एके-47, हैंड ग्रेनेड, यूबीजीएल, यूबीजीएल ग्रेनेड, मोबाइल फोन, जीपीएस आदि के अलावा अन्य सामग्री बरामद हुई है।
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कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद जवान - फोटो : भारतीय सेना
सूत्रों के अनुसार आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के 12 आतंकियों का ग्रुप पीओके में स्थित लांचिंग पैड से 30 मार्च को रवाना हुआ था। इनमें 11 विदेशी और एक स्थानीय आतंकी शामिल था। ग्रुप के घुसपैठ करने की सूचना सेना को पहले ही मिल चुकी थी। सेना भी घुसपैठ की संभावित जगहों पर घात लगाए बैठी थी। सर्च ऑपरेशन भी शुरू किया गया। पिछले बुधवार को दोपहर के समय सेना की आठ जाट रेजीमेंट के जवानों का इन आतंकियों के साथ जुमगुंड इलाके में सामना हुआ। कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद आतंकी भाग निकले।

 

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कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद जवान - फोटो : भारतीय सेना
खराब मौसम के बावजूद आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया। इसमें सेना की इलीट फोर्स 4 पैरा भी शामिल हुई। इस दौरान बारिश, घने कोहरे के चलते सेना का हेलिकॉप्टर वहां लैंड नहीं कर पाया, जिससे जवानों को सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आतंकी कुपवाड़ा जिले के केरन में 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दावर नाले में छिपे हुए थे। इधर, तलाश में जुटी सेना की एक टीम आतंकियों के पैरों के निशान ट्रेस करते हुए ऊपर की पहाड़ी पर जा पहुंची। जैसे ही टीम पहाड़ी पर पहुंची वहां खराब मौसम के चलते बर्फ खिसकने से टीम सीधे नाले में जा पहुंची। जहां उनका सामना आतंकियों से हुआ। इस दौरान हुई मुठभेड़ में ताबड़तोड़ फायरिंग हुई।
 
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कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद जवान - फोटो : भारतीय सेना
शुरूआत में जवानों ने तीन आतंकियों को मार गिराया लेकिन इस दौरान पांच जवान भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से तीन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस बीच दोबारा शुरू हुई मुठभेड़ में भी दो आतंकियों को मार गिराया गया। इसके बाद बाकी के आतंकियों की तलाश जारी रही। प्राथमिक उपचार के दौरान घायल दो जवानों ने भी दम तोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक सात आतंकियों के वापस पीओके भागने की खबर है।
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कुपवाड़ा मुठभेड़ - फोटो : साकिब नबी
आतंकियों से मुठभेड़ में शामिल जवान स्पेशल फोर्स (एसएफ) यूनिट के थे। इस यूनिट ने वर्ष 2018 में पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी और सात आतंकी लांचिंग पैड तबाह कर 38 आतंकियों को मार गिराया था। इसके अलावा ऑपरेशन में सेना की 41 आरआर, 57 आरआर, 160 टीए और एसओजी कुपवाड़ा भी शामिल थी। इन्होंने आवूरा, कुमकडी, जुरहामा, सफावली, बटपोरा, हाईहामा आदि इलाकों को घेरकर तलाशी अभियान चलाया। खराब मौसम के चलते करीब 5 दिन बाद ऑपरेशन स्थगित करना पड़ा।
 
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कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद सूबेदार संजीव - फोटो : अमर उजाला
सेना की ओर से इस संबंध में जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि सेना ने नियंत्रण रेखा पर एक साहसी अभियान चलाया और भारी बर्फ के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ में पांच आतंकियों को मार गिराया गया। सबसे पेशेवर इकाइयों में से एक पैरा एसएफ के एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) की कमान में चार सैनिकों को एलओसी के पास घुसपैठियों की सूचना मिलने के बाद हेलीकॉप्टर से एयरड्रॉप किया गया था। आमने-सामने की लड़ाई में सभी पांच आतंकियों को मार गिराया गया। इस लड़ाई में सेना ने अपने पांच सर्वश्रेष्ठ सैनिकों को खो दिया है।

 
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कुपवाड़ा मुठभेड़ - फोटो : साकिब नबी
इनमें से तीन जवान मौके पर ही शहीद हो गए थे जबकि दो ने पास के सैन्य अस्पताल तक एयरलिफ्ट किए जाने के दौरान दम तोड़ दिया। सेना के इस विशेष स्क्वॉड का नेतृत्व सूबेदार संजीव कुमार कर रहे थे और इसमें हवलदार देवेंद्र सिंह, पैराट्रूपर बाल कृष्ण, पैराट्रूपर अमित कुमार और पैराट्रूपर छत्रपाल सिंह शामिल थे। सेना, ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए बहादुर जवानों को सलाम करती है और हर समय हर कीमत पर अपनी सीमाओं की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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