लोकसभा चुनावों को लेकर न केवल पहली बार वोट डालने वाले या महिला-पुरुषों में उत्साह दिखा बल्कि यह उत्साह शहर के करीब सभी वोटिंग बूथों में बुजुर्गों में भी दिखा। कहीं बुजुर्ग बेटे या बहु का सहारा लेकर वोट डालने पहुंचे तो कहीं व्हील चेयर के सहारे पोलिंग बूथ तक पहुंचे। वहीं कुछ जगह तो कई बेटे अपने बुजुर्ग माता-पिता को गोद में उठाकर वोट डलवाने के लिए भी दिखाई दिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोई भी बीमारी या परेशानी इन बुजुर्गों को वोट डालने से नहीं रोक पाई। बुजुर्गों की यही सोच है कि इस बार के प्रधानमंत्री को लाने में यह अपना पूरा योगदान दे सकें। इन बुजुर्गों को देखकर सभी को वोट डालने की सीख लेनी चाहिए।
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धननी देवी
- फोटो : अमर उजाला
'लोकसभा चुनावों में वोट देने के लिए 103 वर्ष की धननी देवी पहुंची। बहु के साथ वोट देने के लिए बूथ पर पहुंची। वोट देकर केंद्र से बाहर निकलने पर उनके चेहरे पर खुशी दिखी।'- धननी देवी, 103 वर्ष
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लाजवंती देवी
- फोटो : अमर उजाला
'100 वर्ष की बुजुर्ग लाजवंती देवी भी वोट डालने से पीछे नहीं हटी। उनका बेटा उन्हें व्हील चेयर पर उन्हें लेकर वोटिंग करवाने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंचा।'- लाजवंती देवी, 100 वर्ष
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संसार देवी
- फोटो : अमर उजाला
'उम्र 104 वर्ष फिर भी वोट डालना अपना फर्ज समझते हुए संसार देवी वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंची। वोट डालकर वह देश के लिए एक अच्छा प्रधानमंत्री लाने की बात की करती हैं।'- संसार देवी, 104 वर्ष
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मलिक राम
- फोटो : अमर उजाला
'बिमारी में भी वोट डालने के लिए अपने बेटे के साथ 94 वर्ष के मालिक राम पहुंचे। वह व्हील चेयर पर थे। वह वोट डालने जाना अपना फर्ज समझते हैं और उसे निभा भी रहे हैं।'- मलिक राम, 94 वर्ष
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पंजाब सिंह और प्रभा देवी
- फोटो : अमर उजाला
'99 वर्ष के पंजाब सिंह और 94 वर्ष की प्रभा देवी भी बिना किसी समस्या को रुकावट समझे वोट देने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंचे। उनका कहना था कि वोट देने हमारा अधिकार और फर्ज है।'- पंजाब सिंह 99 वर्ष और प्रभा देवी 94 वर्ष
'रोमेश चंद्र जिनकी उम्र 95 वर्ष हैं वह भी वोट डालने के लिए सुबह-सुबह पहुंचे। प्रधानमंत्री को चुनने के लिए अपना योगदान देना हमारा फर्ज है इसी सोच के साथ वह पोलिंग बूथ पर वोट डालने पहुंचे।'- रोमेश चंद्र