कश्मीरी सेब
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एक फल उत्पादक मोहम्मद सलीम वानी ने बताया कि जल्द स्थिति सामान्य होने की उम्मीद कम है और सेब का यह भंडार अब हमारे लिए सफेद हाथी बन गया है। हम भंडार गृह शुल्क के रूप में हर महीने 30 से 35 रुपये प्रति पेटी खर्च कर रहे हैं। ये उच्च गुणवत्ता वाले सेब आमतौर पर बड़ी कंपनियों की खुदरा दुकानों को भेजे जाते हैं, इससे काफी फायदा होता था। अब हम स्थानीय स्तर पर इसे बेच सकते हैं। हम जो भी बिक्री कर पाएंगे उससे कम से कम लागत का हिस्सा तो वसूल होगा। अन्यथा हम इस वर्ष फसल लगाने की स्थिति में भी नहीं होंगे।