जम्मू के रियासी के सियाड बाबा धार्मिक स्थल पर रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। दोपहर यहां भूस्खलन होने से दर्जनों लोग इसके मलबे में दब गए। इस घटना में अब तक 7 लोगों की मौत हुई है। वहीं 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की माने तो घायलों और मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है। बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
यह है इस जगह को लेकर मान्यता
रियासी जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सियाड बाबा धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है, स्थानीय लोग यहां पूजन आदि के लिए आते हैं। लोगों की मान्यता है कि यहां गिरने वाले झरने का पानी कई वर्ष पूर्व दूध की तरह होता था। समय के साथ पानी का रंग अपने सही रूप में आ गया।
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पिकनिक मानाने आते हैं लोग
रविवार को हुए हादसे के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों का कहना था कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों को इस स्थान की महत्ता के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। लोग पिकनिक मनाने को आते हैं इस दौरान इस स्थान पर मीट व शराब का सेवन करना भी आम बात हो गई है, जिस पर कोई नकेल नहीं कसी जा रही है।
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झरने में नहाने से बांझ महिलाएं हो जाती हैं गर्भवती
आसपास के क्षेत्र के लोग मानते हैं कि लगभग छह सौ फीट ऊंचाई से बहने वाले झरने के नीचे नहाने से बांझ औरतें गर्भवती होती हैं। इसके अलावा शरीर में होने वाले चर्म रोगों व बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है। यह स्थान लोगों के आस्था का केंद्र है।
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झरने में उतरने पर लगनी चाहिए रोक
लोगों के लिए यह स्थान गर्मी से छुटकारा पाने का स्थान बन गया है। हादसे के बाद लोगों ने कहा कि प्रशासन व सरकार को इस हादसे के बाद सबक लेते हुए प्राकृतिक झरने के नीचे नहाने पर पूरी तरह से रोक लगा देनी चाहिए। सिर्फ वही इसके नीचे जाकर नहा सकें जिसको इसकी महत्ता की जानकारी हो। नहाने के लिए एक स्थान बहने वाले झरने से थोड़ी दूरी पर बनाया जाए ताकि धार्मिक स्थल की आस्था बनी रहे।
तीन साल पहले भी गिर चुकी है चट्टान
पिछले कुछ वर्ष के दौरान इसे पर्यटन स्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल में तीन वर्ष पहले भी पहाड़ी का बड़ा सा हिस्सा आ गिरा था, जिसमें वहां पर बना मंदिर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। बाद में नए मंदिर का निर्माण किया गया।