केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख और जम्मू-कश्मीर पुलिस अलग-अलग हो जाएंगी। पुलिस में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इन बदलाव को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस में मंथन चल रहा है। खासकर अफसर स्तर पर बदलाव संभव है। पुलिस के अफसरों से एक फार्म भरवाया जा रहा है, जिसमें उनसे पूछा जा रहा है कि वह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कहां नौकरी करने के इच्छुक हैं। सूत्रों की मानें, तो लद्दाख पुलिस के अस्तित्व में आने के बाद वहां तैनात पुलिस की वर्दी में भी कुछ बदलाव हो सकता है।
विज्ञापन
2 of 5
जम्मू-कश्मीर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर पुलिस के अफसरों से उनकी इच्छा जानी जा रही है। 31 अक्तूबर के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पुलिस एएमजीयूटी पुलिस कैडर में शामिल हो जाएंगे। पुलिस अफसरों से पूछा जा रहा है कि वह इन क्षेत्रों में वह कहां जाना चाहते हैं। लद्दाख देश का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, जिसका क्लाइमेट, कल्चर और टूरिज्म एक अलग पहचान रखता है। ऐसे में संभव है कि लद्दाख पुलिस की वर्दी में कुछ अलग और विशिष्ट देखने को मिले, जो लद्दाख को परिभाषित कर सके।
विज्ञापन
3 of 5
जम्मू-कश्मीर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों का कहना है कि पुलिस महकमे में पूरी तैयारी चल रही है कि दोनों जगहों पर किस तरह से काम चलेगा। जम्मू कश्मीर पुलिस के पास कितने पुलिसकर्मी हैं? कितने अफसर हैं? कितनी आवश्यकता है? इन सब पर काम चल रहा है।
4 of 5
जम्मू-कश्मीर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
किस स्तर का होगा मुखिया
लद्दाख में डीजीपी का पद किसी एडीजीपी को दिया जाता है या फिर आईजी को? इस पर भी मंथन हो रहा है। हालांकि जम्मू-कश्मीर में पूरी संभावना है कि यहां पर डीजीपी का पद होगा और इस पर डीजीपी रैंक का अफसर ही रहेगा।
यहीं के अफसरों की तवज्जो
सूत्रों की मानें तो जम्मू-कश्मीर पुलिस कैडर के अफसरों को जम्मू कश्मीर और लद्दाख में रखने के लिए तवज्जो दी जाएगी। इन अफसरों को दूसरे क्षेत्रों में भेजने की संभावनाएं काफी कम हैं।