मां बार-बार फिदा को पुकार रही थी
जब फिदा हुसैन का शव वाईके पोरा स्थित घर पहुंचा तो मां फूट-फूट कर रोने लगी। वह फिदा को पुकार रही थी। मेरा फिदा हुसैन कहां है, उसने क्या खता की थी जो उसे आतंकियों ने गोली का निशाना बनाया। यही हाल फिदा की बहनों का भी था। फिदा अपने पीछे एक बच्ची छोड़ गया है। उसकी 6 बहने हैं, इनमें से एक की शादी हो चुकी है। बहनें भी अपने भाई को पुकार रही थी। हमले में मारे गए तीनों कार्यकर्ता परिवार के इकलौते बेटे थे।