फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूसरे दिन भी देश के अन्य हिस्सों से कटा रहा कश्मीर, 4000 वाहन फंसे, श्रीनगर से उड़ानें नहीं हो पाईं

Sat, 09 Nov 2019 12:05 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 5
बर्फबारी की तस्वीरें - फोटो : बासित जरगर
भारी बर्फबारी और कई जगह भूस्खलन के कारण शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर यातायात बंद रहा। विजिबिलिटी कम होने और रनवे पर बर्फ गिरने होने के कारण श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दूसरे दिन भी कोई फ्लाइट टेकआफ और लैंड नहीं कर पाई। इसके चलते कश्मीर घाटी का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से पूरी तरह कटा रहा। 

 
विज्ञापन

2 of 5
बर्फबारी की तस्वीरें - फोटो : बासित जरगर
हाईवे बंद रहने से दोनों ओर से करीब 4000 छोटे बड़े वाहन फंसे हुए हैं। पिछले 48 घंटे से पूरी घाटी अंधेरे में है। इस बीच मौसम साफ होने पर रास्ता बहाल करने का काम जारी रहा। शनिवार को हाईवे खुलने के आसार हैं। मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार शनिवार को मौसम साफ रहेगा।

 
विज्ञापन

3 of 5
बर्फबारी की तस्वीरें - फोटो : बासित जरगर
रामबन में कई जगह शुक्रवार भी भूस्खलन हुआ। जवाहर टनल के कश्मीर की तरफ बर्फ को हटाने का काम जारी है। इससे जम्मू-श्रीनगर हाईवे नहीं खुल पाया। श्रीनगर-लेह राजमार्ग, मुग़ल रोड, राजधान टॉप, साधना टॉप,गुरेज, मछिल, केरन, टंगधार आदि राजमार्ग बंद पड़े हुए हैं। बर्फबारी से 200 से अधिक मकानों नुकसान पहुंचा है। 

 

4 of 5
बर्फबारी की तस्वीरें - फोटो : बासित जरगर
घाटी के उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर के ऊपरी इलाकों में करीब छह फीट रिकार्ड बर्फबारी हुई है। कई जगह पर पेड़ जड़ों से उखड़कर सड़कों पर गिर आएं हैं। मंडलायुक्त कश्मीर बशीर खान ने बताया कि सभी मुख्य सड़कों पर से बर्फ  हटाने का काम पूरा कर दिया गया है और आंतरिक सड़कों को जल्द क्लीयर कर लिया जाएगा। बिजली विभाग की मदद के लिए होम गार्ड और एसडीआरएफ़  के करीब 2500 जवानों को राहत कार्यों में लगाया गया है। सभी बहाली के काम तीन दिन में पूरे कर लिए जाएंगे। हाईवे बंद होने से नगरोटा, उधमपुर, रामबन, बनिहाल, सिद्धड़ा, सांबा और कठुआ में हजारों ट्रकों को रोका गया है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बर्फबारी की तस्वीरें - फोटो : बासित जरगर
सेब उद्योग को करोड़ों का नुकसान
दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर में सेब के पेड़ों को काफी नुकसान पहुंचा है। शोपियां ज़िले के सेब उत्पादक किसान ग़ुलाम हसन ने बताया कि अभी पेड़ों पर करीब 40 प्रतिशत फल लगा हुआ था और उम्मीद से पहले हुई भीषण बर्फबारी से सारा क्षतिग्रस्त हो गया है। जिन पेड़ों से फल उतारे भी गए थे उन्हें भी नुकसान पहुंचा है। सेब उद्योग से जुड़े लोगों को पूरी घाटी में करोड़ों का नुकसान हुआ है।
      
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें