कश्मीर में तेजी के साथ हालात बदल रहे हैं। रोजाना सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। गुरुवार को डल गेट इलाके तथा पूरे बुलवर्ड रोड पर काफी संख्या में निजी वाहन दौड़ते दिखे। ज्यादातर इलाकों से पाबंदियां भी हटा ली गई हैं।
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घाटी के अधिकांश इलाकों से हटाए प्रतिबंध
- फोटो : बासित जरगर
राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद 39वें दिन घाटी में रोजाना माहौल में सुधार हो रहा है। लाल चौक, प्रेस इन्क्लेव को छोड़कर शेष सभी इलाकों में लैंडलाइन सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा व हंदवाड़ा में मोबाइल सेवाएं भी बहाल की गई हैं।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, अभी इंटरनेट सेवा ठप है। डल किनारे सेंटूर होटल में बने अस्थायी जेल में बंद राजनीतिक पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं से मिलने की इजाजत के बाद यहां सुबह 10 बजते ही परिजनों तथा रिश्तेदारों की अच्छी खासी भीड़ जुट रही है। इस बीच सभी स्थानों पर एहतियातन सुरक्षा बलों की तैनाती है।
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- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता तथा प्रमुख रोहित कंसल ने कहा है कि घाटी में शांति व्यवस्था में खलल डालने के लिए पाकिस्तान की ओर से लगातार उकसावे तथा भड़काने संबंधी कार्रवाई की जा रही है। इसके चलते संचार सेवा पर रोक हटाने से पहले इन सब मुद्दों पर विचार किया जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला
पत्रकारों को उन्होंने बताया कि राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद पांच अगस्त से अब तक 187 कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाएं हुईं। इनमें 165 घटनाएं सिर्फ श्रीनगर से हैं। पांच से 16 अगस्त तक घटनाएं ज्यादा हुईं, लेकिन उसके बाद से यह धीरे-धीरे कम होती गईं। यह पूछे जाने पर कि इंटरनेट पर रोक के चलते छात्रों को दिक्कतें हो रही हैं तो उन्होंने कहा कि प्रशासन इससे पूरी तरह अवगत है।
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- फोटो : अमर उजाला
सभी 12 जिला मुख्यालयों पर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए इंटरनेट कियोस्क स्थापित किए गए हैं। जरूरत के हिसाब से लगातार सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों तथा देश विरोधी तत्वों की ओर से दुकानदारों को दी जा रही धमकियों को लेकर गंभीर है।
कश्मीर के हालात में हो रहा तेजी से सुधार
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे मामलों में कार्रवाई होगी ताकि किसी को परेशान न किया जा सके। उन्होंने बताया कि जम्मू, कश्मीर व लद्दाख के लोगों के लिए 85 कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया गया है। छात्रवृत्ति, पेंशन, आवास आदि से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए धनराशि का कोई बंधन नहीं है।