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जैश-ए-मोहम्मद के नापाक मंसूबे को भारत ने मिट्टी में मिलाया, मसूद अजहर की हर साजिश हो रही नाकाम

Thu, 12 Sep 2019 04:42 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
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आतंकवादी मसूद अजहर - फोटो : अमर उजाला
आतंकी सरजमीं पाकिस्तान में स्थित जैश-ए-मोहम्मद एक जिहादी आतंकवादी संगठन है, जोकि युवाओं को गुमराह करके भारत में आतंक फैलाने की फिराक में रहता है। इस आतंकवादी संगठन का मुख्य नापाक मंसूबा भारत से कश्मीर को अलग करना रहा है। जिस नापाक मंसूबे को भारत ने पांच अगस्त को मिट्टी में मिला दिया। इसी वजह से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से वह बौखलाया हुआ है। आए दिन घाटी का माहौल खराब करने की साजिशें रच रहा है। आज यानी कि गुरुवार को भी भारतीय सुरक्षाबलों ने उसके नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया और कठुआ में उसके तीन आतंकियों को धर दबोचा।

आगे की स्लाइड में पढ़िए इस आतंकी की पूरी कहानी
 
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आतंकवादी मसूद अजहर
इस आतंकवादी संगठन की स्थापना साल 2000 में मसूद अजहर ने की थी। भारत में कराए गए कई आतंकवादी हमलों का यह जिम्मेदार है। हर बार की तरह पाकिस्तान ने नाटकीय अंदाज में जनवरी 2002 में इसे प्रतिबंधित कर दिया। इस घटना के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने अपना नाम बदलकर खुद्दाम-उल-इस्लाम कर लिया।
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आतंकवादी मसूद अजहर
इन आतंकी घटनाओं आया मसूद अजहर का नाम
 
साल 1999 में दिसंबर के महीने में अपरहण किए गए भारतीय विमान आईसी 814 के यात्रियों को बचाने के लिए मसूद अजहर को कंधार ले जाकर छोड़ दिया गया।

मार्च 2000 में मसूद अजहर ने हरकत-उल-मुजाहिदीन को बंटवाकर जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की। इस दौरान संगठन से जुड़े अधिकतर आतंकी जैश के बेड़े में शामिल हो गए।

दिसंबर 2001 में इस आतंकी संगठन ने लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर भारतीय भारतीय संसद पर आत्मघाती हमले को अंजाम दिया।

फरवरी 2002 में अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल की गर्दन काटकर मारने का आरोप भी जैश पर लगा।

14 फरवरी को जैश ए मोहम्मद ने कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती हमला कराया, जिसमे 42 जवान शहीद हो गए थे।

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आतंकवादी मसूद अजहर - फोटो : Social Media
इन दिनों जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक मौलाना मसूद अजहर बीमार है। उसकी जगह उसके भाई अब्दुल रौफ असगर को आतंकी संगठन संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। यह जानकारी शीर्ष खुफिया स्रोतों ने बताई है। अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकी घोषित किया हुआ है। वह भारत में भी व्यक्तिगत आतंकी घोषित हो चुका है।  

 
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आतंकवादी मसूद अजहर
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार अजहर के गुर्दे खराब हो चुके हैं और वह ज्यादातर समय अपने क्वार्टर के अंदर ही रहता है। सूत्रों का कहना है कि वह वर्तमान मे पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश केंद्र में रहता है। खुफिया अधिकारी ने कहा, 'मसूद अजहर काफी बीमार है। वह जैश के रोजाना के कामकाज पर ध्यान नहीं दे सकता है। उसे बहावलपुर में जैश के ठिकाने पर उसकी खराब सेहत के कारण और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद उसकी सुरक्षा के मद्देनजर रखा गया है।'
 
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आतंकवादी मसूद अजहर
पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले के बाद फरवरी में भारतीय वायुसेना ने जैश के आतंकी ठिकानों को नेस्तानाबूत कर दिया था। जिसमें भारत पर हमला करने का प्रशिक्षण लेने वाले कई आतंकी मारे गए थे। एयर स्ट्राइक से पहले चुने हुए सक्रिय आतंकियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए जैश ने बालाकोट कैंप में भेजा था। सूत्रों ने संकेत दिया कि अजहर कभी ऑपरेशन में शामिल नहीं रहा बल्कि जैश के लिए मुख्य प्रेरक है जो अपने उग्र उपदेशों के जरिए जिहादियों को प्रतिबद्ध फिदायीन में बदल देता है।
 
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मसूद अजहर और हाफिज सईद (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
अजहर के रिकॉर्ड किए गए उपदेश अब भी अपना काम कर रहे हैं। हमले की योजना बनाना और उन्हें संचालित करने का कार्य उसका भाई अब्दुल रौफ कर रहा है। वह आईसी-814 विमान हाईजैक का मुखिया रहा है। जिसमें अजहर की भारतीय जेल से रिहाई सुनिश्चित हुई थी। असगर शुक्रवार को उपदेश देता है। भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान के एक अधिकारी ने कहा, 'असगर ऐसा शख्स है जिसपर हमें नजर रखनी होगी।'
 
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आतंकवादी मसूद अजहर - फोटो : अमर उजाला
अजहर की उम्र अभी केवल 35 साल है इसके बावजूद वह जैश का प्रमुख बन गया है। वह आतंकी साजिशें रचता है, संसाधनों को व्यवस्थित करता है और उनके निष्पादन की देखरेख करता है। वह व्यक्तिगत रूप से जैश प्रशिक्षण शिविरों का दौरा करता रहता है जिसमें वायुसेना की एयर स्ट्राइक करने से पहले बालाकोट का कैंप भी शामिल है। वह लड़कों को भारत के खिलाफ बरगलाने का काम करता है।
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