कश्मीर घाटी के साथ श्रीनगर के अधिकांश हिस्सों से बुधवार को पाबंदियां हटा ली गई हैं। इसके बाद सड़कों पर बड़ी संख्या में निजी वाहन नजर आए। इससे शहर में करन नगर, बटमालू, लाल चौक व डल झील आदि इलाकों में जाम जैसी स्थितियां पैदा हो गईं। कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात हैं।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों के अनुसार, इन इलाकों में मोहर्रम के दसवें दिन किसी भी जुलूस को रोकने के लिए मंगलवार को प्रतिबंध लगाए गए थे। यह कोई नया कदम नहीं था , 1990 के बाद से घाटी के कुछ हिस्सों में हर साल मोहर्रम की आठवीं और दसवीं तारीख को जुलूस पर रोक के लिए इस प्रकार के प्रतिबंध लगाए जाते रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रतिबंध हटाए जाने के बाद ऑटो रिक्शा और अंतर-जिला कैब भी शहर के कुछ इलाकों में नजर आए। पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 की समाप्ति व राज्य पुनर्गठन के फैसले के बाद पूरे राज्य में पाबंदियां लागू कर दी गई थीं।
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- फोटो : बासित जरगर
कुछ समय बाद स्थिति सुधरने पर कश्मीर घाटी के कई हिस्सों से प्रतिबंधों को उठा लिया गया था। हालांकि प्रत्येक शुक्रवार को घाटी के संवेदनशील इलाकों में प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं ताकि स्वार्थी तत्व बड़ी मसजिदों और धार्मिक स्थलों पर एकत्र भीड़ की आड़ में असामाजिक गतिविधियों को अंजाम ने दे सकें।
स्कूलों में उपस्थिति कम
इस बीच पाबंदियों के 38वें दिन आम जनजीवन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। स्कूल खुले हैं परंतु वहां उपस्थिति कम है। सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन नदारद है। अधिकांश शीर्ष राजनेता, दूसरी पंक्ति के नेता, अलगाववादी नेताओं समेत तीन पूर्व मुख्यमंत्री, डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती हिरासत में अथवा गिरफ्तार हैं।