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अपराजिता:100 मिलियन स्माइल्स, किसी से कम नहीं हैं बेटियां बस जागरूकता की जरूरत

Wed, 11 Sep 2019 07:16 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला के ‘अपराजिता:100 मिलियन स्माइल्स’ अभियान के तहत दशमेश भारतीय विद्या मंदिर हाई स्कूल, गंगयाल में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने पेंसिल व रंगों से चित्रकारी करते हुए महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। 

 
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
इसके तहत छात्राओं ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, भ्रूण हत्या जैसे मामलों पर पेंटिंग की। इस दौरान छात्राओं ने अपनी कला, कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं बेटा और बेटी संतुलन पर शानदार व मार्मिक पेंटिंग बनाकर संदेश दिया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं होती रहनी चाहिए। छात्राओं और समूचे महिला वर्ग के सशक्तीकरण की दिशा में यह प्रशंसनीय कार्य है। इस दौरान दशमेश भारतीय विद्या मंदिर की कृष्णा बोगल, आरती कुमारी, कविता कुमारी, देविका, संजना पटेल आदि छात्राओं ने हिस्सा लेकर पेंटिंग के जरिए महिला सशक्तीकरण से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया। 

 
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
"स्कूल की प्रिंसिपल शबनम बाली ने कहा कि अमर उजाला की तरफ से उठाया गया यह कदम सराहनीय है। इस तरह के कार्यक्रम आगे भी होते रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि आज नारी ही नारी की दुश्मन है। गर्भ में कन्याओं की हत्या की जा रही है। जागरूकता पर आधारित ऐसे कार्यक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाता है।" - शबनम बाली, स्कूल की प्रधानाचार्य 

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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
एक शिक्षित महिला कई परिवारों को शिक्षा से जोड़ने का काम करती है। वर्तमान में हर एक क्षेत्र में महिला अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है। महिला अपनी शक्ति को भूल चुकी है। वास्तव में नारी अबला नहीं है। हिंदू ग्रंथ भी नारी को शक्ति का दर्जा देते हैं। ‘मैं चाहती हूं कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी हमारे स्कूल में होते रहने चाहिए।’- कविता, छात्रा  
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं की शक्ति लोहे के समान है। वह पुरुषों को हर क्षेत्र में हरा सकती हैं और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने में सक्षम हैं। जिम्मेदारी का बोझ पड़ने पर बेटियां ऑटो रिक्शा और ट्रेन चलाने लग जाती हैं। विज्ञान के साथ अंतरिक्ष तक बेटियों की धमक है। इस तरह के कार्यक्रम से जागरूकता आती है।- आरती कुमारी, छात्रा 
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