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कश्मीर डिवकॉम: घाटी में लॉकडाउन की नहीं कोई आवश्यकता, इस वजह से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले

Wed, 21 Apr 2021 03:41 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : बासित जरगर
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर पांडुरंग के पोल ने कहा कि अभी जो हालात बने हैं उसे ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन की कोई आवश्यकता नहीं है। लोगों में लापरवाही है जिसे समय रहते दूर करने जरूरत है। स्थिति को लेकर अगर जरूरत पड़ी तो लॉकडाउन पर विचार किया जाएगा। पीके पोल ने मंगलवार को श्रीनगर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस समय स्थिति ऐसी है कि हमारे पास कोविड को लेकर पूरी जानकारी है। जागरूकता है, लेकिन लोगों में बेपरवाही है जिसे समय रहते दूर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आर्थिकस्थिति को ध्यान में रखते हुए अभी तक लॉकडाउन को लेकर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। पोल ने कहा कि 30 से 40 प्रतिशत अर्थव्यवस्था पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी पर निर्भर करती है। प्रशासन की पूरी कोशिश है कि ऐसी जगहों पर जमीनी स्तर पर कोविड प्रोटोकाल को लागू कराया जाए।
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कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
पीके पोल ने बताया कि कश्मीर में अब तक करीब 88856 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जिनमें से 80208 ठीक भी हो चुके हैं। यहां रिकवरी रेट 90.27 प्रतिशत है। इस समय 7351 एक्टिव मामले हैं। 13 महीनों में घाटी में 1297 लोगों की मौत कोरोना के चलते हुई है, जो 1.46 प्रतिशत है जिसमें सबसे ज्यादा श्रीनगर में 487 मौतें हुई हैं। उन्होंने ने बताया कि अभी तक कुल 28 लाख 10 हजार 339 टेस्ट किये जा चुके हैं। जबकि कश्मीर में अभी तक साढ़े सात लाख आबादी को वैक्सीन दी जा चुकी है।
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
इस समय घाटी के लेवल 1 और लेवल 2 के अस्पतालों में 1500 बेड्स की क्षमता है जिनमें से अभी 30 प्रतिशत ही इस्तेमाल में हैं। बेड्स की संख्या बढ़ा रहे हैं। करीब 37 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट कार्यामक हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन सप्लाई करने वालों के साथ बात हुई है और उनसे कहा गया है केवल सरकारी सप्लाई की जाए।     

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skims - फोटो : file photo
रेमडेसिविर इंजेक्शनों की कमी : स्किम्स निदेशक
स्किम्स के निदेशक डॉ. एजी अहंगर ने कहा कि इस समय जो दिक्कत आ रही है वह है रेमडेसिविर वैक्सीन की। कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से इसकी डिमांड बड़ी है। हालांकि, डिविजनल कमिश्नर ने इस बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस तरह से डॉ. अहंगर ने स्थिति बताई उतनी गंभीर स्थिति नहीं है। जितने मरीजों को कोविड केयर में रखा जाता है उनमें से केवल 10 प्रतिशत को ही ईसीजी करने के बाद ही रेमडेसिविर वैक्सीन दी जाती है।
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कोरोना वायरस वैक्सीन (सांकेतिक) - फोटो : पिक्साबे
डिवकॉम ने कहा कि यह वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में कश्मीर में उपलब्ध है। डॉ अहंगर से कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अभी तक कोई भी नया स्ट्रेन यहां की टेस्टिंग में नहीं पाया गया है। यहां भले ही मामले बढ़ रहे हों, लेकिन कोई नया स्ट्रेन नहीं पाया गया। लगातार समय-समय पर सैंपल दिल्ली और एनआईवी पुणे भेजे जाते हैं लेकिन अभी तक स्ट्रेन में कोई बदलाव नहीं पाया गया।

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