अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद नए जम्मू-कश्मीर की पहली बकरीद आज है। इस दौरान कहीं से हिंसा की कोई खबर नहीं है। एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि घाटी में हालांकि लोगों के बड़ी संख्या में एक स्थान पर एकत्रित होने पर रोक है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट किया, ‘घाटी के अनेक हिस्सों में ईद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। अभी तक किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है।’ वहीं गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ईद की नमाज अनंतनाग, बारामुला, बडगाम, बांदीपोरा की सभी स्थानीय मस्जिदों में बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्वक अदा की गई। बारामुला पुराने शहर की जामिया मस्जिद में लगभग 10,000 लोगों ने नमाज अदा की।
विज्ञापन
2 of 7
कश्मीर में बकरीद की नमाज के बाद एक दूसरें को बधाई देते लोग
- फोटो : ANI
श्रीनगर के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी के मुताबिक, हालात शांतिपूर्ण हैं। लोगों की आवाजाही और यातायात में ढील दी गई है। हर संवेदनशील इलाके में आम लोगों की सहूलियत के लिए मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। श्रीनगर में छह मंडियां और बाजार बनाए गए हैं, जहां कुर्बानी के लिए 2.5 लाख भेड़ें लाई गई हैं।
विज्ञापन
3 of 7
कश्मीर में बकरीद की नमाज अदा करते लोग
- फोटो : ANI
रसोई गैस सिलिंडर, मुर्गियां, अंडे और सब्जियों की आपूर्ति के लिए घर-घर मोबाइल वैन जा रहे हैं। इंटरनेट सेवा और संचार के साधनों पर पाबंदी के चलते 300 विशेष टेलीफोन बूथ बनाए गए हैं, ताकि लोग रिश्तेदारों और परिजनों से बातचीत कर सकें। हर जिले में राशन घाट बनाए गए हैं। कश्मीर संभाग में 3,697 राशन घाटों में से 3,557 राशन घाटों पर लोगों की रोजमर्रा
की जरूरतें पूरी की जा रही हैं।
4 of 7
कश्मीर में बकरीद की नमाज के बाद एक दूसरें को बधाई देते लोग
- फोटो : ANI
बिजली-पानी की आपूर्ति बहाली के लिए भी इंतजाम किए गए हैं। घाटी में अस्पताल व दवा की दुकानें खुलीं रहीं। डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ मौजूद रहे। इनके पहचान पत्र को मूवमेंट पास के रूप में मान्य किया गया है। अस्पतालों में दवाओं की भी पर्याप्त उपलब्धता है। इस बीच श्रीनगर के लिए विमान सेवा भी सुचारु हो गई है। सभी फ्लाइट अपने निर्धारित समय पर पहुंचीं। यात्रियों के टिकट को मूवमेंट पास के रूप में मान्य किया गया है। इससे यात्रियों को अपने घर पहुंचने में दिक्कत नहीं हुई।
विज्ञापन
5 of 7
कश्मीर में बकरीद की नमाज के बाद एक दूसरें को बधाई देते लोग
- फोटो : ANI
मस्जिदों में नमाज के लिए पुख्ता इंतजाम
जिला प्रशासनों को कश्मीर के हालात पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। उन्हें मस्जिदों में नमाज पढ़ने जाने वालों को हरसंभव मदद मुहैया कराने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों से बचने के लिए भी फौरन कदम उठाने के लिए तैयार रहें। अधिकारियों के मुताबिक, हमें बीते तीन दिनों में 4600 फोन कॉल आए। इनमें से 150 घरों में जाकर हमने परिजनों की मदद की। बकरीद के मद्देनजर कर्मचारियों को वेतन और मजदूरों की दिहाड़ी पहले ही दी जा चुकी है।
विज्ञापन
6 of 7
कश्मीर में बकरीद की नमाज अदा करते लोग
- फोटो : ANI
हज यात्रा से लौटने वालों के लिए सुरक्षा इंतजाम
अधिकारियों का कहना है कि सऊदी अरब से हज यात्रा कर लौटने वालों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हज यात्री 18 अगस्त से स्वदेश लौटेंगे। सभी उपायुक्तों को हवाईअड्डे पर नोडल अफसर तैनात करने के लिए कहा गया है। एयरपोर्ट और हज हाउस में विशेष हेल्पलाइन डेस्क की स्थापना की गई है।
राज्यपाल ने दी मुबारकवाद
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बकरीद की मुबारकबाद देते हुए उनकी भलाई और समृद्धि की कामना की। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह त्योहार सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारे और मेलजोल को और अधिक मजबूत करेगा। साथ ही जम्मू-कश्मीर के उस गौरवशाली बहुलवादी संस्कृति को पुनर्जीवित करेगा जिसके लिए वह सदियों से जाना जाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में शांति, प्रगति और समृद्धि की कामना की।