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कश्मीर पर पार्टी लाइन से हटकर बोले कांग्रेस के कर्ण सिंह, यह सात अहम बातें कर रही हैं बड़ा इशारा

Fri, 09 Aug 2019 05:28 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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कर्ण सिंह - फोटो : @doctorkaransingh
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. कर्ण सिंह ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के कई प्रावधानों को समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले का पार्टी लाइन के विपरीत जाकर आंशिक रूप से समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले की पूर्ण रूप से निंदा करना सही नहीं होगा। इस फैसले में कई सकारात्मक बातें हैं।
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कर्ण सिंह - फोटो : @doctorkaransingh
पूर्व सदर-ए-रियासत ने कहा कि सरकार के फैसले में जो सकारात्मक बातें हैं उनमें लद्दाख के लिए केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा,अनुच्छेद 35 ए को खत्म करना, जम्मू-कश्मीर राज्य के विभाजन के परिणाम स्वरूप भावी परिसीमन शामिल है। नया परिसीमीन पहली बार, जम्मू और कश्मीर क्षेत्रों के बीच राजनीतिक शक्ति का सुनिश्चित और निष्पक्ष विभाजन करेगा।
 
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कर्ण सिंह - फोटो : @doctorkaransingh
उन्होंने अनुच्छेद 370 पर सीधे टिप्पणी नहीं की और हिरासत में लिए गए जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों के नेताओं को रिहा करने और उनके साथ व्यापक आधार पर बाचतीच शुरू करने का आह्वान किया। डॉ. सिंह ने कहा, मुझे यह स्वीकार करना होगा कि संसद में तेजी से लिए गए निर्णयों से हम सभी हैरान रह गए। ऐसा लगता है कि इस बहुत बड़े कदम को जम्मू और लद्दाख सहित पूरे देश में भरपूर समर्थन मिला है।

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कर्ण सिंह - फोटो : @doctorkaransingh
सिंह ने कहा निजी तौर पर मैं इस घटनाक्रम की पूरी तरह निंदा किए जाने से सहमत नहीं हूं। इसमें कई सकारात्मक बिंदु हैं। लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला स्वागत योग्य है। दरअसल सदर-ए- रियासत रहते हुए मैंने वर्ष 1965 में इसका सुझाव दिया था। अनुच्छेद 35-ए में स्त्री-पुरुष का भेदभाव था उसे दूर किए जाने की जरूरत थी और साथ ही पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों को मतदान का अधिकार मिलना और अनुसूचित जाति को आरक्षण की पुरानी मांग का पूरा होना स्वागत योग्य है।
 
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कर्ण सिंह - फोटो : @doctorkaransingh
महाराजा हरि सिंह के बेटे डॉ. कर्ण सिंह ने कहा कि कश्मीर के लोग इस निर्णय से अपमानित महसूस कर रहे होंगे। मेरा मानना है कि इस संदर्भ में राजनीतिक संवाद जारी रहना जरूरी है।
 
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. कर्ण सिंह - फोटो : @doctorkaransingh
उन्होंने कहा कि मुख्यधारा की दो प्रमुख पार्टियों नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी को राष्ट्र विरोधी कह कर खारिज कर देना उचित नहीं है, क्योंकि इन पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बहुत कुर्बानियां दी हैं। दोनों पार्टियां कई बार केंद्र व राज्य में राष्ट्रीय पार्टियों की सहयोगी भी रही हैं।

 
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कर्ण सिंह - फोटो : Social media
उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए मुख्यधारा की पार्टियों के नेताओं को जल्द से जल्द से रिहा किया जाना चाहिए तथा जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास भी होना चाहिए।
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कर्ण सिंह
मालूम हो कि संसद ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा संबंधी अनुच्छेद 370 के कई प्रावधानों को समाप्त करने के प्रस्ताव संबंधी संकल्प और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी बुधवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने की घोषणा कर दी है।
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