केंद्र सरकार की तरफ से सोमवार को अनुच्छेद 370 को हटाए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश (लद्दाख और जम्मू-कश्मीर) बनाने के चलते श्रीनगर में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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कश्मीर के हालात
- फोटो : ani
कुछ लोग अपने बच्चों और परिवार के लोगों से मिलने या फिर घर वापसी करने के लिए लिफ्ट लेकर मुश्किल से पहुंच रहे हैं। घाटी में फोन सेवा बंद कर दी गई है और इंटरनेट सेवा भी ठप है।
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कश्मीर के हालात
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लोगों का कहना है कि हमें एक दूसरे से संपर्क नहीं करने दिया जा रहा है और हमें घर में बंद कर दिया गया है। जो ज्यादा समय तक संभव नहीं है। श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र नारबल रोड पर लिफ्ट मांगती निगत नासिर ने बताया कि उन्हें अपने बच्चों से मिलने बारामुला (60 किलोमीटर दूर) जाना था।
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कश्मीर के हालात
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उन्होंने बताया कि वे श्रीनगर अपने घर से नारबल रोड तक 17 किलोमीटर पैदल ही आईं, जिसके बाद उन्हें एक एंबुलेंस में लिफ्ट मिली, जिसने उन्हें आधे रास्ते नार्थ कश्मीर में पट्टन तक छोड़ने की बात कही।
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कश्मीर के हालात
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बेमिना अस्पताल में दाखिल और श्रीनगर के लाल बाजार के रहने वाले मोहम्मद रमजान की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। रविवार को बडगाम में रहने वाले रमजान को उसकी बेटी ने किसी बात की चिंता व्यक्त करते हुए फोन किया। रमजान सोमवार को अपनी बेटी से मिलने निकल गया। श्रीनगर से बडगाम 35 किलोमीटर दूर है।
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कश्मीर के हालात
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बेमिना अस्पताल के डॉ. शफकत भट्ट ने बताया कि रमजान 12 किलोमीटर तक पैदल चला और चक्कर खाकर गिर गया, जिसके बाद उसे सुरक्षा वाहन के जरिये अस्पताल लाया गया।
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कश्मीर के हालात
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ऐसी और भी कई कहानियां हैं... प्राइवेट फैक्टरी में काम करने वाले मोहम्मद शमीम ने बताया कि उन्होंने तीन लोगों से लिफ्ट लेकर ख्रीव से श्रीनगर तक 65 किलोमीटर का फासला तय किया। इसके बाद उन्हें उनके घर नहीं जाने दिया जा रहा है।
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कश्मीर के हालात
- फोटो : Social media
उन्होंने बट्टमालू की ओर जाते हुए रोड में तैनात पैरामिलिट्री जवान से पूछा कि क्या ये कर्फ्यू है? हम किसी जगह पर आ जा क्यों नहीं पा रहे हैं? हम कोई मुसीबत भी पैदा नहीं कर रहे तो हमें परेशान क्यों किया जा रहा है। इस मामले में एक सीनियर अफसर के हस्तक्षेप करने के बाद शमीम को घर जाने की अनुमति दी गई।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि दुकान तक पहुंचना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। सरकार कहती है कि ये कर्फ्यू नहीं है, लेकिन फिर भी उन्हें घर से नहीं निकलने दिया जाता। रियाज ने बताया कि वह इतने दिनों पैदल की आ-जा रहे हैं और कभी कभार उन्हें किसी से लिफ्ट मिल जाती है।