कठुआ जिले के डुडू बसंतगढ़, बदनोता, रियासी के शिवखौड़ी में श्रद्धालुओं की बस, डोडा और छत्रगला में सेना पर हमला करने वाले आतंकी अभी तक सुरक्षाबलों की पहुंच से बाहर हैं। पकड़े जाने से बचने के लिए आतंकियों ने अब पैंतरा बदल लिया है। ये लोग अपने मोबाइल का इस्तेमाल करने के स्थान पर स्थानीय लोगों को डरा-धमाकर उनके मोबाइल फोन से बात कर रहे हैं।
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Security forces
- फोटो : पीटीआई
स्थानीय के मोबाइल के इस्तेमाल पर पुलिस एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर चुकी है। जम्मू संभाग में घुसपैठ कर आए आतंकियों के दल ने लगातार अपने आकाओं से बात करने के लिए स्थानीय लोगों के मोबाइल का ही इस्तेमाल किया है। दूसरी तरफ दुनिया का ध्यान खींचने के लिए आतंकी संगठनों ने अब हमलों की रणनीति भी बदल ली है।
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सुरक्षाबल
- फोटो : एजेंसी
अभी तक जम्मू संभाग में आतंकियों ने छिपकर ही हमला किया है। यह भी सूचना सामने आ चुकी है कि आतंकी पैसा देकर स्थानीय स्तर पर खान-पान की मदद भी लेते रहे। ऐसे में क्षेत्र के दूर-दराज इलाकों में छिपने के लिए उनकी आर्थिक मदद और उनसे सहानुभूति का ढोंग भी किया जा रहा है।
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सुरक्षाबल
- फोटो : एजेंसी
सुरक्षाबलों की जम्मू संभाग के पहाड़ों पर कमी का भी इन आतंकियों ने फायदा उठाया है। सुरक्षाबल लगातार बनी, मल्हार, डोडा, भद्रवाह, रियासी से लेकर उधमपुर के डुडू बसंगतढ़ क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।
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सुरक्षाबल
- फोटो : अभिषेक बड़ू
इससे पहले पुलिस ने दो आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया था। इनके मोबाइल का इस्तेमाल आतंकियों ने बदनोता हमले से पहले अपने आकाओं से संपर्क साधने के लिए किया था। सूचना को छिपाए रखने पर पुलिस ने इस संदर्भ में गिरफ्तारी की है।
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सुरक्षाबल
- फोटो : एजेंसी
सैडा सोहल में बिना गाइड ज्यादा देर नहीं छिप पाए आतंकी
हीरानगर के सैडा सोहल आतंकी भुठभेड़ के बाद ऐसा अंदेशा था कि अंतराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ कर आए आतंकियों का दल गाइड के अभाव में ज्यादा देर नहीं छिप पाया। इसके बाद सैडा सोहल में उन्हाेंने ग्रामीणों पर गोलीबारी कर दी थी। सुरक्षाबलों ने दो दिन के अभियान के बाद दोनों आतंकियों को ढेर कर दिया था।
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Security forces
- फोटो : एजेंसी
उधर, आतंकियों को पाकिस्तानी सेना की मदद के भी लगातार खुलासे हो रहे हैं। चीन निर्मित और पाकिस्तानी सेना के पास उपलब्ध वायरलेस सेट हीरानगर के सैडा सोहल में मारे गए आतंकियों से बरामद हुए थे।
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सुरक्षाबल (फाइल)
- फोटो : एजेंसी
इसके अलावा आतंकी एम4 कारबाइन का टेलीस्कोप के साथ इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा डोडा एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों और कठुआ के हीरानगर में मारे गए आतंकियों के पास से बरामद हथियारों से भी हुआ है।
सैडा सोहल मुठभेड़ के बाद बरामद ग्रेनेड किए निष्क्रिय
हीरानगर के सैडा सोहल आतंकी मुठभेड़ में 11 और 12 जून को बरामद ग्रेनेड शनिवार को कठुआ में बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिए। बसतंपुर पुलिस चौकी के अधीन पड़ते इलाके में पहुंची टीम ने एहतियात के साथ इन ग्रेनेड को निष्क्रिय किया। आतंकियों से भारी मात्रा में असलह बरामद हुआ था।