कश्मीर को सड़क मार्ग के जरिए देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे 40 घंटे बाद वीरवार शाम को यातायात के लिए पुन: खोल दिया गया। यातायात बहाल होने के बाद रामबन व आसपास के स्थानों पर रोक गए वाहनों को घाटी के लिए रवाना किया गया। जबकि उधमपुर व अन्य स्थानों पर रोके गए लगभग 2500 वाहन अभी फंसे हुए हैं।
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बर्फबारी
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को जवाहर टनल के पास बर्फबारी व हाइवे में कई स्थानों पर बारिश व पस्सियां गिरने से दोनों तरफ से वाहनों का संचालन ऐतिहातन रोक दिया गया था। दूसरी ओर बुधवार से रोके गए यात्री काफी परेशान दिखे। सबसे ज्यादा परेशानी कश्मीर जाने वाले पर्यटकों को हुई। वह कड़ाके की ठंड के बीच छोटे-छोटे बच्चों के साथ रातभर परेशान हुए।
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बर्फबारी
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वीरवार सुबह पस्सियां हटाने के बावजूद फिसलन के कारण वाहनों आगे नहीं जाने दिया गया। बर्फबारी बंद होने व राजमार्ग से पस्सियां हटाने के बाद शाम छह बजे फंसे वाहनों को रवाना करना शुरू किया गया। रियासत के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में वीरवार दोपहर जम कर बर्फबारी होने से ठंडक में इजाफा हो गया है।
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बर्फबारी
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कश्मीर के अलावा जम्मू संभाग के पटनीटाप, नत्थाटाप, सनासर, भद्रवाह आदि क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। पहाड़ों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में कई जगह बारिश भी हुई। गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 9.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है। जबकि लेह में न्यूनतम तापमान माइनस 8.9 और कारगिल में न्यूनतम तापमान माइनस 9.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है।
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बर्फबारी
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जम्मू में भी कड़ाके की शीतलहर रही। यहां पर अधिकतम तापमान सामान्य से करीब आठ डिग्री लुढ़कर 13.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से रियासत के मौसम में सुधार आएगा और 19 दिसंबर तक मौसम साफ रहने के आसार है।