रियासी में लीथियम का भंडार
- फोटो : ANI
1975 में रियासी के ध्यानगढ़ में डैम बनाने का काम शुरू हुआ। डैम का ज्यादातर इलाका सलाल के अंतर्गत आता है, जिस कारण डैम को सलाल डैम के नाम से जाना जाता है। डैम का काम शुरू होने से सलाल व आसपास के ग्रामीणों को काफी लाभ हुआ था। स्थानीय लोगों को ही काम पर रखा गया था, जिससे बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक दूर हुई थी।