फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू का रियासी: पहले सलाल डैम, फिर रेलवे ब्रिज... अब लीथियम से विश्व पटल पर चमका रियासी

Sun, 12 Feb 2023 02:20 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर

सार

रियासी में सलाल क्षेत्र में लीथियम का भंडार मिलने से एकबार फिर विश्व पटल पर चमकने लगा है। 48 साल में तीसरी बार जिले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
विज्ञापन
1 of 5
Reasi - फोटो : एजेंसी/ अमर उजाला
जम्मू संभाग के जिले रियासी में सलाल क्षेत्र में लीथियम का भंडार मिलने से एकबार फिर विश्व पटल पर चमकने लगा है। 48 साल में तीसरी बार जिले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इसका लाभ जिलावासियों सहित प्रदेश सरकार को मिलेगा।
विज्ञापन

2 of 5
सलाल डैम - फोटो : संवाद
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से बीस किलोमीटर दूर स्थित दम्मन कोट (सलाल) में लीथियम का भंडार मिलने से रियासी चर्चा में आया है। इस से पहले ध्यानगढ़ क्षेत्र में बने सलाल डैम और उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल संपर्क परियोजना के चलते रियासी को पहचान मिली थी। 48 साल पहले जिले का ज्यादातर क्षेत्र ग्रामीण था।
विज्ञापन

3 of 5
रियासी में लीथियम का भंडार - फोटो : ANI
1975 में रियासी के ध्यानगढ़ में डैम बनाने का काम शुरू हुआ। डैम का ज्यादातर इलाका सलाल के अंतर्गत आता है, जिस कारण डैम को सलाल डैम के नाम से जाना जाता है। डैम का काम शुरू होने से सलाल व आसपास के ग्रामीणों को काफी लाभ हुआ था। स्थानीय लोगों को ही काम पर रखा गया था, जिससे बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक दूर हुई थी।

4 of 5
Reasi Railway Bridge - फोटो : एजेंसी
1998-99 में महत्वाकांक्षी उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल संपर्क परियोजना को हरी झंडी मिली थी। ग्रामोड़ में रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा के चलते रियासी का नाम सुर्खियों में आया था। सर्वेक्षण में बक्कल व कौड़ी रेलवे स्टेशन को मिलाने के लिए चिनाब दरिया पर पुल बनाने की योजना बनाई गई। इसकी ऊंचाई समुद्रतल से ऊंचाई 359 मीटर है, जोकि एफिल टावर से ज्यादा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Worlds tallest railway arch bridge built in Jammu and Kashmir on Chenab in jammu kashmir - फोटो : अमर उजाला
आज यह विश्व का सब से ऊंचा रेलवे पुल बन गया है। मौजूदा समय में यह पुल इंजीनियरिंग की मिसाल है। कुछ दिन पहले सलाल में मिले लीथियम के भंडार के बाद यह क्षेत्र फिर से सुर्खियों में आ गया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि कई वर्षों तक काम मिलेगा और बेरोजगारी दूर होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें