फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Operation Mahadev: लिदवास में जहां मारे आतंकी...वहां से बायसरन 40 तो त्राल 20 KM ही दूर; सबसे महफूज है ये जगह

Tue, 29 Jul 2025 11:32 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के बीच ऑपरेशन महादेव शुरू करते हुए सेना ने पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत तीन आतंकियों को मार गिराया। श्रीनगर के दाचीगाम के ऊपरी क्षेत्र में हुई भीषण मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकी लश्कर-ए-ताइबा के बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
1 of 15
operation mahadev - फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर के दाचीगाम में जिस लिदवास इलाके में सेना ने आतंकियों को मारा है वहां से पुलवामा जिले का त्राल जंगल के रास्ते करीब 20 किलोमीटर ही दूर है। त्राल आतंकियों का गढ़ रहा है। यही नहीं, यह मुठभेड़ स्थल पहलगाम के बायसरन से 40 किलोमीटर दूर है। बायरन में ही आतंकियों ने 25 पर्यटकों और एक स्थानीय निवासी की हत्या कर दी थी।

पुलवामा जिले का त्राल इलाका आतंकियों की मौजूदगी वाला सबसे सक्रिय इलाका है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा विशेषज्ञों ने भी दो आशंकाएं जताई थीं। पहली आतंकियों के पुलवामा जिले में होने और दूसरी पाकिस्तान भाग जाने की। 
 
विज्ञापन

2 of 15
ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
यहीं से रची गईं तमाम हमलों की साजिश
यदि मारे गए आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे तो निश्चित तौर पर ये हमले के बाद पुलवामा के त्राल में छिपे होंगे। इसी जिले से कश्मीर में होने वाली तमाम बड़ी साजिश रची गई हैं जिसमें 2019 का सीआरपीएफ पर काफिल पर हुआ हमला भी शामिल है। 
 
विज्ञापन

3 of 15
ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
पुलवामा के ही त्राल का रहने वाला बुरहान वानी, रियाज नायकू जैसे आतंकी रहे हैं। पूर्व बिग्रेडियर विजय सागर का कहना है कि पुलवामा आतंकियों का गढ़ रहा है। अब भी यहां आतंकी षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। पुलवामा हमला करने वाले भी पुलवामा में ही आकर छिपे थे जिन्हें स्थानीय स्तर पर पनाह मिली।

 

4 of 15
ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
पुलवामा में ये बड़े हमले हुए
2003: 24 कश्मीरी पंडितों की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
2005: कार में ब्लास्ट होने से दो बच्चों समेत 13 लोगों की मौत
2019: सीआरपीएफ के 44 जवान आतंकी हमले में बलिदान

 
विज्ञापन

5 of 15
ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
ऑपरेशन सिंदूर के बाद...
15 मई 2025: पुलवामा के त्राल में तीन आतंकी मारे गए
2 जून 2025 : श्रीनगर में पांच आतंकी गिरफ्तार किए गए
29 जून: राजोरी जिले में एलओसी पर दो आतंकी मार गिराए
26 जून: उधमपुर के वसंतगढ़ में जैश का टाप कमांडर मौलवी मारा गया
 
विज्ञापन

6 of 15
ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
बड़ा अभियान चलाएं
पूर्व बिग्रेडियर राजन सिंह का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों को चाहिए कि वे पुलवामा के त्राल समेत अन्य जंगलों में बड़ा अभियान चलाएं। यहां से ऑपरेट होने वाले आतंकियों को मारा गिराया जाए। नहीं तो पुलवामा और पहलगाम जैसे षड्यंत्र होते रहेंगे। आतंकियों के साथ इन इलाकों में सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर का नेटवर्क भी ध्वस्त करने की जरूरत है।
 
विज्ञापन

7 of 15
ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
सेना ने पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सुलेमान समेत तीन आतंकी मार गिराए
जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के बीच ऑपरेशन महादेव शुरू करते हुए सेना ने पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत तीन आतंकियों को मार गिराया। श्रीनगर के दाचीगाम के ऊपरी क्षेत्र में हुई भीषण मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकी लश्कर-ए-ताइबा के बताए जा रहे हैं।

 

8 of 15
ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
पिछले वर्ष सोनमर्ग सुरंग हमले में शामिल था जिबरान
सेना ने देर रात तक आधिकारिक रूप से इनकी पहचान जाहिर नहीं की, लेकिन सैन्य सूत्रों के अनुसार मारा गया एक आतंकी पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता सुलेमान उर्फ आसिफ है। दो अन्य की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। जिबरान पिछले वर्ष सोनमर्ग सुरंग हमले में शामिल था।

 

9 of 15
ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
मुठभेड़ स्थल से एम4 कार्बाइन असॉल्ट राइफल बरामद
मुठभेड़ स्थल से अमेरिका निर्मित एक एम4 कार्बाइन असॉल्ट राइफल, एके सीरीज की दो राइफल समेत गोला-बारूद बरामद हुए हैं। दाचीगाम वन क्षेत्र श्रीनगर से 25 किमी दूर है। कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक वीके बिरदी ने कहा कि मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की पहचान में अभी वक्त लगेगा। 

10 of 15
ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : बसित जरगर
ऑपरेशन से जुड़े एक सैन्य अफसर ने बताया, स्पेशल फोर्सेज 4 पैरा व 24 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) को पहलगाम हमले में आतंकियों की ओर से इस्तेमाल सैटेलाइट फोन के उपयोग का संकेत मिला था। इसके तत्काल बाद ऑपरेशन महादेव शुरू कर घेराबंदी की गई। 

11 of 15
Security forces - फोटो : अमर उजाला
दहशतगर्दों की मौजूदगी की पुष्टि होने पर अतिरिक्त बल बुलाकर घेरा और भी सख्त किया गया, ताकि वे भाग न सकें। खुद को घिरा देख आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में दोनों तरफ से भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें तीन आतंकी मारे गए। 

 

12 of 15
Security forces - फोटो : पीटीआई
सेना की चिनार कोर ने सोशल मीडिया पर बताया, लिदवास में भीषण गोलीबारी में तीन आतंकी मारे गए। ऑपरेशन जारी है। पहलगाम में आतंकियों ने 22 अप्रैल को 26 लोगों की हत्या कर दी थी। आतंकियों ने धर्म पूछकर उन्हें मौत के घाट उतारा था।

 

13 of 15
सुरक्षाबल - फोटो : एजेंसी
... इसलिए ऑपरेशन महादेव
श्रीनगर की महादेव चोटी जबरवान रेंज का हिस्सा है। यह क्षेत्र सामरिक और धार्मिक दोनों तरह से अहम है। चोटी जबरवान का प्रमुख शिखर है, इसे खासा पवित्र माना जाता है। लिदवास एवं मुलनार, यहां से दोनों दिखाई देते हैं। अभियान को इसलिए ऑपरेशन महादेव नाम दिया गया था। लिदवास में जहां आतंकी मारे गए हैं, वहां उनका ठिकाना भी मिला है। इसमें आतंकियों ने खाने-पीने का सामान जुटा रखा था।

14 of 15
सुरक्षाबल। - फोटो : पीटीआई
यहीं मारा गया था जुनैद
दाचीगाम के इसी क्षेत्र में 10 नवंबर, 2024 को भी मुठभेड़ हुई थी। तब आतंकी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाते हुए भाग निकले थे। 3 दिसंबर 2024 को फिर मुठभेड़ हुई और लश्कर-ए-ताइबा आतंकी जुनैद भट ढेर हो गया। जुनैद गांदरबल में सुरंग निर्माण स्थल के पास 20 अक्तूबर, 2024 को हुए हमले शामिल था।
विज्ञापन

15 of 15
सुरक्षाबल - फोटो : एजेंसी
पता था, आतंकियों को सेना मार गिराएगी: नरवाल
पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने कहा कि में सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों को बहादुरी के लिए सलाम करना चाहता हूं। उन्होंने जान की परवाह किए बिना आतंकियों का शिकार किया, वह आसान काम नहीं है। यह हमारी सेना के लिए बड़ी कामयाबी है। मैंने पहले भी कहा था कि हमारी सेना एक दिन उन्हें मार गिराएगी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें