जम्मू कश्मीर में लोकसभा चुनाव 2024
- फोटो : एजेंसी
पाकिस्तानी रिफ्यूजियों और ओबीसी समाज को साधना जरूरी
राजनीतिक समीकरणों की दृष्टि से देखा जाए तो पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ ही हाशिये पर रहने वाले विभिन्न वर्ग के लोग व ओबीसी समाज के लोग वोटर हैं। ओबीसी समाज में मंडल कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर 27 फीसदी आरक्षण न मिलने का मलाल है तो एक बड़ी आबादी में जमीन का मालिकाना हक न मिलने से नाराजगी है। अब तक इस आबादी के लोगों का नाम गिरदावरी में हुआ करता था। जम्मू सीट पर वर्ष 2019 के चुनाव में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला था। राजोरी और पुंछ से कांग्रेस प्रत्याशी ने बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन इस चुनाव में यह दोनों जिले कट गए हैं। रियासी जिला उधमपुर संसदीय सीट का हिस्सा था, जहां भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया था।
18 में से छह विधानसभा एससी-एसटी के लिए आरक्षित
लोकसभा सीट में 18 में से पांच विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति की आबादी अधिक है। इस वजह से यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इनमें सांबा का रामगढ़, जम्मू का बिश्नाह, सुचेतगढ़, मढ़, अखनूर शामिल हैं। इसके अलावा रियासी का गुलाबगढ़ विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।