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जम्मू लोकसभा चुनाव: डोगरा भूमि पर मुकाबला दिलचस्प, भाजपा को मोदी का सहारा, कांग्रेस को नेकां-पीडीपी का साथ

Wed, 24 Apr 2024 12:07 PM IST
kumar गुलशन कुमार डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू

सार

Jammu Lok sabha Election : परिसीमन के बाद जम्मू सीट में रियासी जिले को जोड़ दिया गया है। राजोरी और पुंछ जिले को इस लोकसभा सीट से हटा दिया गया है। केवल राजोरी जिले की कालाकोट-सुंदरबनी विधानसभा सीट को इसमें शामिल किया गया है। जम्मू, सांबा, रियासी और राजोरी जिले के कालाकोट-सुंदरबनी के लगभग 17 लाख वोटर इस सीट पर हैं।
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जम्मू-रियासी लोकसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
डोगरा भूमि जम्मू में परिसीमन के बाद नए इलाकों के जुड़ने तथा कुछ पुराने इलाकों के कटने से इस सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। दो बार जीत हासिल करने के बाद भाजपा के लिए यह सीट अब प्रतिष्ठा से जुड़ गई है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद इस सीट पर देशभर की निगाहें हैं क्योंकि अनुच्छेद 370 हटाने के लिए प्रजा परिषद ने यहीं से आंदोलन शुरू किया था। भाजपा मोदी के नाम पर गढ़ बचाने के प्रयास में है, जबकि कांग्रेस को नेकां और पीडीपी का सहारा है। इस सीट पर भाजपा से जुगल किशोर शर्मा, कांग्रेस से रमण भल्ला व एकम सनातन दल पार्टी से अंकुर शर्मा मैदान में हैं।

परिसीमन के बाद जम्मू सीट में रियासी जिले को जोड़ दिया गया है। यहां माता वैष्णो देवी के नाम पर नई विधानसभा सीट भी बनाई गई है। राजोरी और पुंछ जिले को इस लोकसभा सीट से हटा दिया गया है। केवल राजोरी जिले की कालाकोट-सुंदरबनी विधानसभा सीट को इसमें शामिल किया गया है। जम्मू, सांबा, रियासी और राजोरी जिले के कालाकोट-सुंदरबनी के लगभग 17 लाख वोटर इस सीट पर हैं।
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जम्मू कश्मीर में लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : एजेंसी
इस बार यहां का मुकाबला इस वजह से भी दिलचस्प हो गया है कि नई सीट माता वैष्णो देवी में भाजपा की स्वीकार्यता पर भी मुहर लगेगी। साथ ही रियासी के कौड़ी इलाके में बने विश्व के सबसे ऊंचे रेल पुल पर भी लोकतंत्र का जश्न मनेगा। यहां से मतदान का संदेश भी दिया गया है। राजनीतिक समीकरणों की दृष्टि से कांग्रेस को इंडिया गठबंधन के नाते नेकां और पीडीपी ने समर्थन दिया है। 

नेकां प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में बैठकें की हैं और नामांकन के दौरान भी मौजूद रहे। पीडीपी की ओर से फिलहाल किसी भी बड़े नेता ने प्रचार नहीं किया है। भाजपा मोदी सरकार में हुए विकास कार्यों तथा जम्मू कश्मीर में हो रहे बदलावों को आधार बना रही है। वहीं, एकम सनातन दल के अंकुर शर्मा राजनीतिक बदलाव को चुनावी मुद्दा बनाते हुए लोगों से आगे आने का आह्वान कर रहे हैं।
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जम्मू कश्मीर में लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : एजेंसी
पाकिस्तानी रिफ्यूजियों और ओबीसी समाज को साधना जरूरी

राजनीतिक समीकरणों की दृष्टि से देखा जाए तो पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ ही हाशिये पर रहने वाले विभिन्न वर्ग के लोग व ओबीसी समाज के लोग वोटर हैं। ओबीसी समाज में मंडल कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर 27 फीसदी आरक्षण न मिलने का मलाल है तो एक बड़ी आबादी में जमीन का मालिकाना हक न मिलने से नाराजगी है। अब तक इस आबादी के लोगों का नाम गिरदावरी में हुआ करता था। जम्मू सीट पर वर्ष 2019 के चुनाव में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला था। राजोरी और पुंछ से कांग्रेस प्रत्याशी ने बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन इस चुनाव में यह दोनों जिले कट गए हैं। रियासी जिला उधमपुर संसदीय सीट का हिस्सा था, जहां भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया था।

18 में से छह विधानसभा एससी-एसटी के लिए आरक्षित

लोकसभा सीट में 18 में से पांच विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति की आबादी अधिक है। इस वजह से यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इनमें सांबा का रामगढ़, जम्मू का बिश्नाह, सुचेतगढ़, मढ़, अखनूर शामिल हैं। इसके अलावा रियासी का गुलाबगढ़ विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।

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जम्मू कश्मीर लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : एजेंसी
भाजपा की ओर से कराए गए विकास कार्यों का भरोसा है। रोड कनेक्टिविटी हो या फिर स्वास्थ्य या शिक्षा, हर क्षेत्र में आम लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ी हैं। रेल नेटवर्क का भी जाल बिछा है। जम्मू में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम चल रहा है। हाशिये पर रहे लोगों को उनका अधिकार मिला है। - जुगल किशोर शर्मा, भाजपा प्रत्याशी

भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को छला है। रोजगार के साधन विकसित नहीं हो पाए हैं। बेरोजगारी बढ़ी है। आम लोगों की आवाज को दबाया जा रहा है। जम्मू का पर्यटन चौपट हो रहा है। आम लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। कर्मचारी वर्ग परेशान है। - रमण भल्ला, कांग्रेस प्रत्याशी

डोगरों के स्वाभिमान की लड़ाई लड़ी जा रही है। जम्मू में सभी राजनीतिक दलों से लोग उब चुके हैं। अब वह राजनीतिक बदलाव महसूस करने लगे हैं। सरकारें आईं-गईं लेकिन लोगों के हालात में बदलाव नहीं हुआ। अब भी लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। यह सारे मुद्दे हैं। - अंकुर शर्मा, एकम सनातन दल पार्टी प्रत्याशी
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मतदान के लिए जागरूक करते हुए विद्यार्थी - फोटो : संवाद
  • जम्मू सीट पर कुल वोटर 1781545
  • कुल मतदान केंद्र 2416
  • कुल संवेदनशील केंद्र 340

चुनाव परिणाम 2019 (मत प्रतिशत)
  • भाजपा 58.02
  • कांग्रेस 37.54
वोटर
  • जिला पुरुष महिला ट्रांसजेंडर कुल
  • रियासी 123051 111628 03 234682
  • सांबा 132528 125913 01 258442
  • जम्मू 608886 570069 23 1178978
  • कालाकोट-सुंदरबनी 50720, 45866 01 96587  
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