जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिला में हीरानगर से सटे पथवाल में पशु तस्करी के प्रयास के बाद जमकर बवाल हुआ। पशु तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे को जाम करने के प्रयास को पुलिस ने विफल करने के लिए जहां लाठियां भांजी वहीं आंसू गैस के गोले भी दागे गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भी पत्थरबाजी कर पुलिस के खिलाफ रोष जताया। लाठीचार्ज में तीन लोग घायल हुए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटी हीरानगर सब डिवीजन के पथवाल गांव में माहौल उस समय गर्म हो गया जब सुबह सवा दस बजे के लगभग पशु तस्करों के एक तेज रफ्तार वाहन ने एक ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। इसके बाद पशु तस्कर ट्रक को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए।
स्थानीय लोगों ने जब ट्रक का मुआयना किया तो उसमें नौ पशु लदे पाए गए जिनकी कश्मीर की ओर तस्करी का प्रयास किया जा रहा था। इसके बाद उग्र भीड़ ने पशुओं को ट्रक से निकाल ट्रक को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
दमकल दस्ते ने आग को बुझाने का प्रयास किया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और पशु तस्करों को गिरफ्तार किए जाने की मांग करने लगे। स्थिति बिगड़ी देख एसपी कठुआ श्रीधर पाटिल भी मौके पर पहुंचे। लोगों ने पुलिस के खिलाफ तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे का रुख कर दिया।
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लोगों ने समझा हो गया आतंकी हमला
पथवाल के स्थानीय लोगों ने बताया वो पशु तस्करी मामले से अनजान अपनी दिनचर्या में व्यस्थत थे। इस बीच एक तेज रफ्तार ट्रक पथवाल गांव के चौक पर पहुंचा और यहां एक ट्रैक्टर को टक्कर मार दी जिसके बाद पशु तस्कर गांव के बीच जा पहुंचे।
ग्रामीणों ने कुछ राउंड गोलियां चलने की आवाज भी सुनी। लोगों ने बताया कि उन्हें प्रथम दृष्टया ऐसा एहसास हुआ की आतंकी हमला हो गया है। उन्होंने कहा कि पशु तस्कर हथियारों से भी लैस थे और उन्होंने पीछा कर रही पुलिस पर भी फायर किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार घगवाल पुलिस पशु तस्करों का पीछा करते हुए हीरानगर के पथवाल तक आ पहुंची थी। एसडीपीओ बार्डर ने बताया कि पुलिस की ओर से किसी भी तरह की फायरिंग की जानकारी उन्हें नहीं है।
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आधा घंटा जाम रखा जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे
पथवाल से दो किलोमीटर पैदल चल मुक्त करवाए पशुओं को साथ लेकर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दियालाचक में जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर उतर गए। लगभग आधे घंटे तक प्रदर्शनकारी हाईवे पर ही डटे रहे और वाहनों की आवाजाही को ठप कर दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के बीच लगातार पशु तस्करों को गिरफ्तार करने की मांग उठती रही।
प्रदर्शनकारियों ने हीरानगर थाना प्रभारी के तत्काल निलंबन की भी मांग की है। जब प्रदर्शनकारी हाईवे से हटने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने लाठियां भांजना शुरू कर दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प शुरू हो गई। इस बीच पुलिस लाठीचार्ज में तीन लोग भी घायल हुए हैं। इनमें एक नवनिर्वाचित सरपंच और दो स्थानीय लोग शामिल हैं।
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प्रदर्शनकारियों ने कई बार हाईवे जाम करने का किया प्रयास
सुबह 11 बजे के लगभग नेशनल हाईवे का कूच करने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनातनी का माहौल बना रहा। पहली बार हाईवे से हटाए गए प्रदर्शनकारियों ने कुछ ही देर बाद दियालाचक बाजार को भी बंद करवा दिया। देखते ही देखते पूरे इलाके में पुलिस और प्रदर्शनकारी ही बच गए।
देर शाम तक लगभग छह से सात बार प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम करने का प्रयास किया जिसे पुलिस लगातार विफल करती रही। हाईवे पर यातायात को तो पुलिस ने बहाल करवा दिया लेकिन दियालाचक हीरानगर के बीच सड़क पर लगातार हो रहे प्रदर्शन के बीच यातायात प्रभावित रहा।
सीआरपीएफ की नाकेबंदी की मांग, पुलिस से उठा लोगों का भरोसा
प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि रूटीन में पशुओं की तस्करी हो रही है और पुलिस सिर्फ उन्हें सेफ रूट उपलब्ध करवाने का काम कर रही है। ऐसे में अब उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है और संवेदनशील इलाकों में सेना या फिर सीआरपीएफ की नाकेबंदी की जानी चाहिए।
एसडीएम हीरानगर सुरेश शर्मा ने आश्वासन दिया है कि सोमवार रात से ही लोगों की बताई जगहों पर अर्धसैनिक बलों की नाकेबंदी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से दो दिन का समय मांगा है और आश्वास्त किया कि इस बीच पशु तस्करों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।