इंजीनियर राशिद ने पांच साल बाद बारामुला में पहली रैली की और अपनी वापसी के दौरान 5 अगस्त 2019 के प्रधानमंत्री मोदी के निर्णय का विरोध किया और कश्मीरियों की जीत का भरोसा जताया।
पूर्व विधायक और जम्मू-कश्मीर के प्रमुख नेता राशिद ने पांच वर्षों के बाद बारामुला में एक महत्वपूर्ण रैली आयोजित की, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों और स्थानीय जनता की समस्याओं पर जोर दिया। यह रैली उनके राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, जो उनके पुनरुद्धार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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इंजीनियर राशिद
- फोटो : बासित जरगर
बारामुला के सांसद इंजीनियर राशिद ने आज श्रीनगर में पहुंचकर कश्मीर और कश्मीरियों की जीत की आशा जताई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अगस्त 2019 को किए गए निर्णय का विरोध किया। यह उनकी पांच साल की तिहाड़ जेल की सजा के बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी, जहां उन्होंने अपने स्वागत के दौरान अपना दृढ़ विश्वास प्रकट किया कि कश्मीरियों की जीत सुनिश्चित है और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
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तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत मिलने के बाद श्रीनगर पहुंचे इंजीनियर राशिद ने एयरपोर्ट पर धरती को चूमा और भावुक हो गए। जेल में पांच साल बिताने के बाद, उनका स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक हवाई अड्डे पर मौजूद थे। एनआईए द्वारा आतंकवाद वित्तपोषण के आरोप में गिरफ्तार किए गए राशिद को हाल ही में दिल्ली की विशेष अदालत ने जमानत दी है।
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राशिद ने कहा, 'कश्मीर और कश्मीरियों की जीत निश्चित है। 5 अगस्त 2019 को पीएम मोदी द्वारा लिया गया निर्णय हमें स्वीकार्य नहीं है। चाहे हमें जेल में डाल दो या कहीं और भेज दो, हमें पूरा विश्वास है कि हम जीतेंगे।" उन्होंने कश्मीरियों को आश्वस्त किया कि उनकी ताकत कम नहीं हुई है और वे अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करेंगे।
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राशिद ने हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह कश्मीर के लोगों के लिए 'तथ्यों और सच्चाई' पर बात करेंगे। उन्होंने अपील की कि कश्मीर के लोग हिम्मत और उम्मीद न खोएं और कहा, "कोई भी, न नरेंद्र मोदी और न अमित शाह, हमारी आवाज दबा सकते हैं। तथ्य और सत्य हमारे पक्ष में हैं, और सत्य की जीत होगी।
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उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा 1947 से लंबित है और इसे हल किया जाना चाहिए ताकि उपमहाद्वीप में शांति लौट सके और कोई भी जेल में न रहे। राशिद ने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के भाजपा का प्रतिनिधि होने के आरोपों का खंडन किया और कहा कि उनका संघर्ष इन दोनों से कहीं बड़ा है।
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यह रैली इंजीनियर राशिद की राजनीतिक गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है और जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक परिदृश्य में उनकी भूमिका को पुनर्जीवित कर सकती है।
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इंजीनियर राशिद ने बारामूला के डेलिना मैदान में रैली को संबोधित किया, जहां सैकड़ों लोग उनके भाषण को सुनने के लिए एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि वह सांसद चुने जाने के लिए लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने बारामूला आए हैं। जेल से ही उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 लड़ा और बारामूला से सांसद चुने गए, जहां उन्होंने उमर अब्दुल्ला को 2 लाख से अधिक मतों से हराया।
राशिद की पार्टी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 में 35 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ रही है और राशिद इन उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं। उनकी वापसी और बयान राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रहे हैं।